पटना, 14 जून (आईएएनएस)। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पाटलिपुत्र स्टेशन में तोड़फोड़ की घटना, दिल्ली में टीएमसी के बागी सांसदों की बैठक, कोलकाता के गोदाम में आग लगने के पीछे साजिश के आरोपों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली आगामी बैठक पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “पाटलिपुत्र स्टेशन पर घटी घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा देने के लिए जिस तरह स्टेशन पर भीड़ उमड़ी, वह दिखाता है कि बिहार में कितनी बेरोजगारी है। छात्रों और नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर यही स्थिति उत्पन्न होगी। छात्रों पर पुलिस ने गोलियां चलाई और उन्होंने पथराव किया। मैं छात्रों से अपील करता हूं कि धैर्य रखें और कानून को अपने हाथ में न लें, लेकिन आखिर यह स्थिति उत्पन्न क्यों हुई, इसके पीछे कौन दोषी है, इसकी जांच होनी चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार को परीक्षा के लिए व्यवस्था करनी चाहिए थी।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली आगामी बैठक पर मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘अबकी बार ट्रंप सरकार बनाने गए थे। जब से ट्रंप सरकार बनी है तब से पता चला है कि भारत को क्या मिला है। ट्रंप के सामने झुकना नहीं चाहिए, यही देश की 140 करोड़ जनता चाहती है।”
कोलकाता के गोदाम में आग लगने के पीछे साजिश के आरोपों पर आरजेडी प्रवक्ता ने कहा, “टीएमसी जो आरोप लगा रही है, वह सही है। इतने बड़े पैमाने पर आग लगना जांच का विषय है। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद ईवीएम जलने से कई सवाल उठ रहे हैं, जो कहीं न कहीं विपक्ष के आरोपों को मजबूत करती है।”
आरजेडी ने एक्स पर लिखा, “भाजपा-जेडीयू सरकार ने बिहार के युवाओं से एक करोड़ सरकारी नौकरी देने का वादा किया है। अखबारी सरकार बयानबाजी छोड़ बहाली निकाले और पर्याप्त संख्या में निकाले और जल्दी निकाले। बिहार में युवाओं की हताशा और निराशा चरम पर है। अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए भी पर्याप्त उपाय किए जाएं, ताकि अभ्यर्थियों के साथ-साथ दूसरे यात्रियों को भी कोई तकलीफ ना हो। बिहार विधानसभा चुनाव में तो भाजपा-जेडीयू ने तो बड़े-बड़े वादे किए थे! एक ओर जहां 1 करोड़ नौकरी का वादा किया गया और यहां बिहार पुलिस या शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई) 4 के अंतर्गत नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू करने में ही हाथ-पैर फूलने लगे हैं। करोड़ों युवा बेरोजगार हैं, हताश हैं पर सरकार को अपना काम छोड़ बयानबाजी में व्यस्त है।”

