Tuesday, August 18, 2026
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झारखंड सरकार के फैसले पर प्रवीण खंडेलवाल बोले, छात्रों की अनसुलझी चिंताओं पर भी हो संवाद

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नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड सरकार द्वारा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के बाद देशभर के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। सरकार के इस कदम को छात्र आंदोलन की जीत बताया जा रहा है।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “झारखंड सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के साथ-साथ छात्रों को शांत करना भी जरूरी है। अगर उनकी कुछ चिंताएं अभी अनसुलझी हैं, तो झारखंड सरकार को उनसे बातचीत करनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि बातचीत करके छात्रों के मुद्दों का समाधान किया जाए ताकि आंदोलन दोबारा शुरू न हो और परीक्षा प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।

लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “देवेंद्र नाथ महतो ने साफ कहा है कि अब वे सरकार का सहयोग करेंगे। छात्रों का आंदोलन खत्म हो गया है। सरकार ने उनकी प्रमुख मांगें मान ली हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे सरकार के साथ मिलकर एक ऐसी पुख्ता व्यवस्था बनाने में मदद करेंगे ताकि भविष्य में परीक्षाओं में कोई गड़बड़ी न हो।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा, “सभी टीडीपीएल परीक्षाएं पहले ही रद्द कर दी गईं। जेपीएससी 2023-24 और बैकलॉग परीक्षाएं भी रद्द कर दी गईं।”

उन्होंने कहा, “हमने बार-बार कहा है कि चाहे एनटीए हो, राज्य सरकार की टेस्टिंग एजेंसियां हों या परीक्षा प्राधिकरण, अगर किसी कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया है तो जब तक वह अपना नाम साफ नहीं कर लेती, उसे परीक्षा के पेपर छापने की अनुमति कैसे दी जा सकती है?”

आशुतोष वर्मा ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ब्लैकलिस्टेड कंपनियों पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जाए और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद हो।

झारखंड में पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्र लंबे समय से धरने पर बैठे थे। कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी थे। इसी बीच सरकार द्वारा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र ने देर रात अपना अनशन खत्म किया।