Thursday, July 23, 2026
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छात्रों से संवाद करे सरकार, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ले : फखरुल हसन

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लखनऊ, 23 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्‍ट ट्रैक कोर्ट स्‍थापित करने की बात कही है। इस पर समाजवादी पार्टी के नेता फखरुल हसन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को सदन में अपनी बातों को रखना चाहिए और नौजवानों की मांगों को पूरा करना चाहिए।

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान जौहर यूनिवर्सिटी के इंस्पेक्शन, प्रधानमंत्री मोदी के पेपर लीक वाले बयान, छात्रों के विरोध और दूसरे बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी।

अभिनेता सलमान खान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया और उन पर लाठीचार्ज को लेकर चिंता जताई है। इस पर सपा नेता ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को देश के प्रतिष्ठित लोग भी समर्थन दे रहे हैं। देश के नौजवान पेपर लीक से परेशान हो चुके हैं। समाजवादी पार्टी इस तरह की हिंसक घटनाओं का समर्थन नहीं करती है। आंदोलनकारियों से सरकार को बातचीत करनी चाहिए।

फखरुल हसन चांद ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को लेकर कहा कि नौजवान आज सड़क पर हैं। जो लोग कह रहे हैं कि आंदोलन पर राजनीतिक पार्टियां प्रतिक्रिया न दें, वे अन्‍ना आंदोलन के समय अपने बड़े नेताओं के बयान पर ध्‍यान दें। जो लोकतांत्रिक जिम्‍मेदारी समाजवादी पार्टी और विपक्ष की है, वह निभाई जाएगी। इस देश का विपक्ष गूंगा-बहरा नहीं है। विपक्ष सुनता है, बोलता है और देखता भी है।

उन्‍होंने कहा कि नौजवान चाहते हैं कि उनसे संवाद किया जाए तो सरकार इससे बच क्‍यों रही है। इस आंदोलन को बड़े अभिनेताओं का समर्थन मिल रहा है। सरकार को सोचना चाहिए कि देश के लोगों में कितना आक्रोश है। आखिर सरकार की क्‍या मजबूरी है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्‍तीफा नहीं लिया जा रहा है। जब शिक्षा मंत्री से पेपर लीक नहीं रुक रहा है तो वह पद पर क्‍यों बने रहेंगे? क्‍या भाजपा के पास धर्मेंद्र प्रधान के अलावा कोई विकल्‍प नहीं है?

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर माता प्रसाद पांडे के नेतृत्‍व में एक प्रतिनिधिमंडल बना था, जो रामपुर पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से मिलेगा। आजाद भारत में किसी भी शिक्षण संस्‍थान पर ध्‍वस्‍तीकरण की कार्रवाई नहीं हुई है। राजनीतिक प्रतिशोध में कार्रवाई हो रही है, जो पूरा देश देख रहा है।