चीन ने ‘चीन से नाभिकीय खतरे’ का खंडन किया

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बीजिंग, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। नाभिकीय अप्रसार संधि के सदस्य देशों का 11वां समीक्षा सम्मेलन 27 अप्रैल को अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में उद्घाटित हुआ और आम बहस आयोजित हुई।

इस मौके पर चीनी प्रतिनिधि ने अपने भाषण में कुछ देशों द्वारा तथाकथित ‘चीन से नाभिकीय खतरे’ का प्रचार करने का खंडन किया और कहा कि चीन हमेशा से आत्मरक्षा परमाणु रणनीति का पालन करता है। संबंधित आरोप बिलकुल निराधार और बदनियती वाला है।

यूएन स्थित स्थायी चीनी प्रतिनिधिमंडल के निरशस्त्रीकरण विभाग के काउंसलर श्यू फंग ने कहा कि चीन हमेशा परमाणु बल को राष्ट्रीय सुरक्षा की आवश्यकता के न्यूनतम स्तर पर कायम रखता है। नाभिकीय हथियार के पैमाने और विकास में चीन हमेशा अत्यंत संयम का रवैया अपनाता है और किसी अन्य परमाणु हथियार संपन्न देश से निवेश, मात्रा या पैमाने की तुलना कभी नहीं करता। चीन अतीत में और भविष्य में भी किसी देश के साथ परमाणु शस्त्रीकरण स्पर्द्धा नहीं करेगा। कुछ देशों ने इसकी अनदेखी कर बदनीयती के साथ जानबूझकर तथाकथित ‘चीन से नाभिकीय खतरे’ का प्रचार किया। संबंधित आरोप बिलकुल निराधार और बदनियती वाले हैं।

इसके साथ ही चीन ने परमाणु साझा, परमाणु छाता और विस्तारित निवारण आदि मुद्दों पर दोहरा मापदंड अपनाने में संबंधित देशों की आलोचना भी की। इससे अंतर्राष्ट्रीय परमाणु निरस्त्रीकरण प्रक्रिया और परमाणु अप्रसार संधि को नुकसान पहुंचेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)