बीजिंग, 2 मई (आईएएनएस)। स्थानीय समयानुसार 30 अप्रैल को, संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी मिशन में निरस्त्रीकरण मामलों के काउंसलर शू फेंग ने परमाणु हथियारों के मुद्दे पर जापान के हालिया कदमों के संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक संबंधित बैठक में कड़ी निंदा की।
चीनी प्रतिनिधि ने इस बात पर जोर दिया कि जापान वर्तमान में ‘परमाणु दहलीज’ पर है, और उसकी दक्षिणपंथी ताकतों की परमाणु महत्वाकांक्षाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मूलभूत सीमाओं को गंभीर रूप से चुनौती दी है।
चीन ने सर्वप्रथम काहिरा घोषणा, पॉट्सडैम घोषणा और जापानी आत्मसमर्पण पत्र जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैध दस्तावेजों का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि जापान को पूरी तरह से निरस्त्र होना चाहिए और उसे ऐसा कोई उद्योग नहीं रखना चाहिए जो उसे पुनः हथियारबंद होने की अनुमति दे।
शू फेंग ने कहा कि परमाणु हथियारों के अप्रसार पर संधि के एक गैर-परमाणु-हथियार हस्ताक्षरकर्ता के रूप में, जापान का एक अंतरराष्ट्रीय दायित्व है कि वह परमाणु हथियारों को स्वीकार, निर्माण, धारण या प्रसारित नहीं करेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

