रांची, 5 सितंबर (आईएएनएस)। सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा में आई निशु आजाद और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा भी कूद पड़े हैं। उन्होंंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर निशाना साधते हुए कहा कि वे तब कहां थे, जब निशु एफआईआर कराने के लिए थानों के चक्कर काट रही थी।
रांची में आईएएनएस से बातचीत में राकेश सिन्हा ने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लेना कोई बड़ी बात नहीं है, बल्कि बड़ा सवाल यह है कि कथित हमले के बाद वह व्यक्ति खुलेआम घूमता रहा, जबकि पीड़िता निशु एफआईआर दर्ज कराने के लिए एक से दूसरे थाने के चक्कर लगाती रही।
राकेश सिन्हा ने कहा कि यह कितनी विडंबना है कि भारद्वाज एक वीडियो पर कहते हैं कि मैंने निशु आजाद के पिता को पीटा है और मेरी गिरफ्तारी नहीं हुई, क्योंकि बड़े नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। इसके बाद चिराग पासवान मैदान में उतरे, जिस समाज से वे आते हैं, वह बच्ची भी उसी समाज से आती है, लेकिन तब आए जब उस बच्ची को राहुल गांधी ने सपोर्ट किया। चिराग पासवान ने भी इस मामले में शिकायत दी है। सवाल यह है कि जब बच्ची एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने-थाने भटक रही थी, तब शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई गई?
हल्द्वानी में ‘शुद्धिकरण’ के मामले पर राकेश सिन्हा ने कहा कि संविधान इस बात की इजाजत नहीं देता कि किसी के प्रति छुआछूत की भावना रखी जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने कथित तौर पर शुद्धिकरण किया, उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ, जबकि इस मुद्दे को उठाने के कारण राहुल गांधी पर केस दर्ज कर दिया गया। इस देश में कानून का राज है या भाजपा-संघ का राज है, यह तो देश की जनता समझ रही है।
अयोध्या के राम मंदिर के सीईओ को लेकर उन्होंने कहा कि अच्छी बात है कि बदलाव दिखाई देगा। सवाल यह है कि मंदिर में चंदे और चढ़ावे से जुड़े मामलों की जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई को लेकर भी कोई जिम्मेदारी ली जाएगी या नहीं। मंदिर में जो चंदे की चोरी हुई है, उसकी जांच का क्या हुआ। दोषियों पर कार्रवाई कब होगी। आस्था के साथ खिलवाड़ क्यों हुआ। सनातनियों के जेहन में सवाल घूम रहे हैं। मंदिर के चढ़ावे में पारदर्शिता कैसे आएगी।
महिला एशिया कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले को लेकर राकेश सिन्हा ने कहा कि उन्हें भारतीय खिलाड़ियों पर स्वाभाविक तौर पर गर्व है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय खिलाड़ी देश का मान बढ़ाने का काम करेंगी।
