देहरादून, 30 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्षी मांग के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसे चुनाव संबंधी फैसले लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है, लेकिन उनकी पार्टी का मानना है कि चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से काम करता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किए गए संविधान ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र शक्तियां दी हैं और इसका सरकार से सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का मुख्य दायित्व सही मतदाता सूची तैयार करना, निष्पक्ष चुनाव कराना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना है।
एसआईआर को लेकर उठे विवाद पर आठवले ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दूसरे देश से आकर भारत में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फर्जी दस्तावेज या प्रमाण पत्र जमा करता है और जांच में इसकी पुष्टि होती है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा मामले में किन लोगों के नाम और किन परिस्थितियों में हटाए गए, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को, जिसे कानून के तहत मतदान का अधिकार प्राप्त है, अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अधिकार होना चाहिए और ऐसे किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आठवले ने कहा कि उन्हें लगता है कि अखिलेश यादव “ख्याली दुनिया में जी रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव दिल्ली में हुई इंडी गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुए और उनकी जगह पार्टी की ओर से कुछ नेताओं को भेजा गया।
आठवले ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं रहेगा। दोनों दलों के साथ चुनाव लड़ने की संभावना उन्हें नहीं दिखाई देती।
आठवले ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों को चुनाव से जुड़े मामलों पर निर्णय लेने का अधिकार है। चुनाव आयोग सरकार की गाइडलाइन के आधार पर काम नहीं करता, बल्कि संविधान से मिली शक्तियों के तहत अपने फैसले लेता है।
