मुंबई, 16 मई (आईएएनएस)। सीजेआई सूर्यकांत की बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ से तुलना करने वाली टिप्पणी पर एनसीपी (एसपी) ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी नेताओं ने इसे अत्यंत आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की ऐसी भाषा न सिर्फ युवाओं का अपमान है, बल्कि अदालत की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचा रही है।
एनसीपी (एसपी) नेता फहद अहमद ने आईएएनस से बात करते हुए कहा, “अदालत की विश्वसनीयता लगातार गिर रही है। यह भाषा सरकार की भाषा जैसी लगती है, जहां आवाज उठाने वालों को देश-विरोधी या अर्बन नक्सल कहा जाता है। सीजेआई ने उसी भाषा को दोहराया। उन्होंने ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया, लेकिन शायद उन्हें पता नहीं कि कॉकरोच आसानी से नहीं मरते, वे हर हालात में खुद को ढाल लेते हैं। ये वही युवा हैं जो संविधान के लिए लड़ रहे हैं।”
एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने टिप्पणी को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा, “संवैधानिक पद पर बैठे वरिष्ठ व्यक्ति शायद किसी अन्य मुद्दे (जैसे फर्जी डिग्रियों) का जिक्र कर रहे थे, लेकिन चर्चा के दौरान युवाओं के बारे में दिया गया बयान पूरी तरह अनुचित है। हम इसका समर्थन नहीं करते।”
रोहित पवार ने डीजीपी कार्यालय में हुई बैठक का जिक्र करते हुए बताया कि महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले मैं उन दो परिवारों से मिला जिनकी बेटियों के साथ बलात्कार और हत्या की गई थी। परिवार को धमकियां मिल रही थीं। डीजीपी ने तुरंत एसपी से बात की और मदद का आश्वासन दिया।”
पवार ने कानून में बदलाव की मांग करते हुए कहा, “इस कानून को और सख्त बनाने की जरूरत है। वरना ऐसे मामले 10-20 साल तक चलते रहेंगे। शक्ति कानून और विशेष संहिता विधेयक को केंद्र सरकार ने मंजूरी नहीं दी। इस सत्र में इसे पास किया जाना चाहिए।”

