मुंबई, 9 सितंबर (आईएएनएस)। सह्याद्री गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में वर्ष 2026-27 के गन्ने की पेराई के मौसम की नीति तय करने के लिए मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। इस बैठक में इस वर्ष के गन्ने की पेराई का मौसम 15 अक्टूबर 2026 से शुरू करने की स्वीकृति दी गई।
इस बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल, कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरने, जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव लोकेश चंद्र, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी, सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे, चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोल्टे और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में राज्य में गन्ने की उपलब्धता, पेराई योजना, चीनी उत्पादन, किसानों को प्राप्त गन्ने की कीमत, साथ ही चीनी कारखानों के सामने आने वाली विभिन्न वित्तीय और तकनीकी समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की गई और किसानों और चीनी उद्योग के हितों को संतुलित करते हुए आगामी पेराई सत्र की योजना पर चर्चा की गई।
2025-26 पेराई सत्र की समीक्षा में देश में चीनी का भंडार, बकाया एफआरपी और आरआरसी, सह-उत्पादन परियोजनाएं, इथेनॉल की आपूर्ति, गन्ने का क्षेत्रफल और उत्पादन, चीनी उत्पादन और 2026-27 पेराई सत्र की तैयारी, सत्रवार एफआरपी और एमएसपी, चीनी उद्योग से संबंधित विभिन्न सरकारी पहलों के लिए कारखानों द्वारा की जाने वाली कटौतियों की नीति और गोपीनाथ मुंडे गन्ना कटाई श्रमिक कल्याण बोर्ड की निधि कटौती की समीक्षा, लंबित बकाया के निपटान के लिए सॉफ्ट लोन योजना पर ब्याज सब्सिडी की शुरुआत, 10 लाख रुपए की सब्सिडी का प्रावधान।
सह-उत्पादन परियोजनाओं से संबंधित बिजली खरीद समझौतों की अवधि समाप्त हो चुकी चीनी फैक्ट्रियों को 2023-24 सीजन के अनुसार 1.50 रुपए प्रति यूनिट की छूट, चीनी पैकिंग के लिए जूट की बोरियों की अनिवार्य शर्त में छूट, सहकारिता विभाग (सीबीजी) उत्पादन परियोजनाओं को वित्तीय और तकनीकी प्रोत्साहन प्रदान करना, गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष गन्ना विकास योजना – इन सभी विषयों पर सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे ने बैठक में एक प्रस्तुति दी। इस योजना का उद्देश्य गन्ना किसानों की उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए उन्नत गन्ना किस्मों, नर्सरियों, गन्ना पौध प्रसंस्करण, ड्रिप सिंचाई, रासायनिक और जैविक उर्वरकों का संतुलित उपयोग, आधुनिक गन्ना खेती विधियों और मशीनीकरण को बढ़ावा देना है।
बैठक में चीनी उद्योग से संबंधित केंद्र सरकार के साथ लंबित मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसमें चीनी के न्यूनतम विक्रय मूल्य में वृद्धि, इथेनॉल की कीमत में वृद्धि और इथेनॉल परियोजनाओं के लिए लंबित ब्याज सब्सिडी को तत्काल उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिशें प्रस्तुत की गईं।
