सीएम रेखा गुप्ता ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मिलकर नेहरू प्लेस डाकघर का किया लोकार्पण

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नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मिलकर नेहरू प्लेस डाकघर का लोकार्पण किया।

केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नवीनीकृत नेहरू प्लेस डाकघर का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डाक विभाग ने तकनीक के साथ स्वयं को नए दौर के अनुरूप विकसित किया है। यह नया डाकघर नागरिकों को तेज, सरल और आधुनिक सेवाओं का बेहतर अनुभव प्रदान करेगा।

आज डाकघर केवल पत्र सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्सल, बैंकिंग, बीमा, आधार और पासपोर्ट जैसी अनेक सुविधाओं के माध्यम से जनसेवा का सशक्त केंद्र बन चुका है। इस अवसर पर संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, विधायक शिखा राय सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।

वहीं, सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नए भारत के नए डाकघर। अब डाकघर केवल चिट्ठियों तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि बैंकिंग, पार्सल, आधार, बीमा और पासपोर्ट जैसी सुविधाओं से जुड़े आधुनिक सार्वजनिक सेवा केंद्र बन गए हैं।

बता दें कि पिछले दिनों सीएम रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि दिल्ली सरकार ने वोकेशनल टीचर्स और समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षकों के वेतन में पर्याप्त वृद्धि को मंजूरी दे दी। यह निर्णय विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में कार्यरत शिक्षकों पर भी लागू होता है, जहां स्कूल छोड़ चुके या कभी स्कूल नहीं गए बच्चों को शिक्षा प्रणाली में वापस लाया जाता है।

उन्होंने विवरण देते हुए बताया कि दिल्ली में लगभग 1,131 वोकेशनल टीचर्स, जो विभिन्न विषयों में कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, अब 20,000-23,000 रुपए के बजाय 38,100 रुपए प्रति माह प्राप्त करेंगे। इसी प्रकार, समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत 784 केंद्रों में कार्यरत शिक्षकों का वेतन 21,000 रुपए से बढ़ाकर 35,420 रुपए प्रति माह कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि ये केंद्र स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों को शिक्षित करने और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा में पुनः प्रवेश के लिए तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उन्होंने कहा कि संशोधित वेतन के बाद समग्र शिक्षा के शिक्षक अब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के बराबर वेतन पा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक वित्तीय निर्णय नहीं है, बल्कि उन शिक्षकों के समर्पण और कड़ी मेहनत की पहचान है जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बच्चों को शिक्षा के दायरे में लाने के लिए काम करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस वेतन वृद्धि से शिक्षकों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होने के साथ-साथ उनका मनोबल भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रेरित और संतुष्ट शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की कुंजी हैं।