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सीएम योगी के एआई वीडियो पर भाजपा नेता ने अखिलेश यादव को घेरा, कार्रवाई की चेतावनी दी

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लखनऊ, 2 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एआई वीडियो जारी करने पर भाजपा नेता श्यामधनी राही ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धर्म और संस्कृति के सम्मान के प्रतीक हैं। उनके खिलाफ इस तरह का एआई वीडियो बनाकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास उचित नहीं है।

भाजपा नेता श्यामधनी राही ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जो अखिलेश यादव एआई वीडियो बनाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बदनाम करने का काम कर रहे हैं, वह ठीक नहीं है। जो अपने पिता का सम्मान नहीं कर सकता, वह किसी और का सम्मान कैसे कर सकता है।

उन्होंने कहा कि वे मानसिक रूप से दिवालिया हो चुके हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल जाने की जरूरत है। हिंदू समाज इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने का काम करेगा। उन्होंने दावा किया कि हिंदू समाज वर्ष 2027 में फिर से योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाने का काम करेगा।

दूसरी ओर, पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों को तोड़े जाने और हिंदुओं पर अत्याचार के मुद्दे पर मौलाना यासूब अब्बास ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जिस तरह हिंदुओं के साथ अत्याचार हो रहा है, उसके खिलाफ आवाज उठाई गई और प्रदर्शन भी किए गए। पाकिस्तान में शिया समुदाय और हिंदुओं पर अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं तथा मंदिरों को भी कथित तौर पर गिराया जाता है। वहां भी एक विचारधारा इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रही है और पाकिस्तान सरकार पर समर्थन करने के आरोप लगते रहे हैं।

उत्तराखंड में मदरसों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मौलाना यासूब अब्बास ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि मदरसों पर कार्रवाई की जा रही है तो शिशु मंदिरों पर कार्रवाई क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि मदरसों पर कार्रवाई करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि मदरसे बंद हो जाएंगे तो इससे देश को बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाले फैसले सोच-समझकर लिए जाने चाहिए।

वहीं, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के मीडिया संयोजक करौली शंकर महादेव ने तय मानकों को पूरा नहीं करने वाले मदरसों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों और निर्धारित मानकों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि पिछले 50 वर्षों से ऐसे मदरसे संचालित हो रहे हैं, जहां पढ़ने वाले कुछ लोग कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई मदरसा प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।