नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने ब्रिक्स समिट को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि आज ब्रिक्स समिट को लेकर कांग्रेस पार्टी और कुछ विपक्षी दल जिस प्रकार की नेगेटिविटी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें आईना दिखाने की जरूरत है।
संबित पात्रा ने ब्रिक्स को लेकर 2011 और 2012 के प्रमुख अखबारों में छपे दो महत्वपूर्ण आर्टिकल का जिक्र किया।
संबित पात्रा ने कहा, “मैं पहला आर्टिकल 2012 का दिखाता हूं जिसका हेडलाइन है ‘इंडिया लीस्ट अट्रैक्टिव ब्रिक मेंबर इन वैल्यूएशन टर्म्स गोल्डमैन सैक्स’। गोल्डमैन सैक्स स्पष्ट रूप से कहती है कि 2012 में अगर सबसे कम आकर्षक सदस्य कोई था तो वह भारत था।”
उन्होंने बताया कि इस आर्टिकल में गोल्डमैन सैक्स के चेयरमैन जिम ओ नील का इंटरव्यू था। उनसे सवाल पूछा गया था, “क्या आपको लगता है कि ब्रिक्स का सबसे अच्छा दौर अब हमारे पीछे छूट गया है? ब्रिक्स देशों के लिए जिस तरह से हालात बन रहे हैं, उसे देखते हुए? क्या आपको लगता है कि ब्राजील सबसे मजबूत ब्रिक्स देश है और भारत सबसे कमजोर ब्रिक्स देश है?”
इस पर जिम ओ नील ने क्या कहा, इसका जिक्र करते हुए संबित पात्रा ने बताया, “भारत, चीन और रूस के लिए पिछले दशक की तरह उसी दर से बढ़ना मुश्किल हो सकता है, और इस दशक में ब्राजील अलग है क्योंकि यह हमें ऊपर की ओर सरप्राइज कर सकता है।”
संबित पात्रा ने कहा कि जिम ओ नील ने आगे कहा था, “वैल्यूएशन के मामले में, इंडिया सबसे कम अट्रैक्टिव है, चीन सबसे ज्यादा अट्रैक्टिव होगा। भारत तुलनात्मक रूप से सबसे कम होगा। यह कुछ हद तक साइक्लिकल एडजस्टेड (पीई) अनुपात और फॉरवर्ड पीई अनुपात जैसी सिंपल चीजों की वजह से है, जो एक जैसे हैं, क्योंकि मार्केट इंडिया को लेकर बहुत परेशान हैं, जैसा कि मैंने पहले बताया था। अगर हम सच में कुछ रिफॉर्म करते हैं, तो शायद इंडिया दूसरे मार्केट के मुकाबले इस कदम से पहले और तेजी से बढ़ेगा। मेरे हिसाब से चीन नंबर वन है। मेरे हिसाब से चीन शायद अभी नंबर वन है, ब्राजील नंबर दो पर, रूस नंबर तीन पर, और इंडिया नंबर चार पर है।”
संबित पात्रा ने कहा कि आप बताइए भारतवर्ष को उस समय पीछे छोड़ दिया गया था और इस आर्टिकल की आखिरी लाइन में कहा गया है कि भारत को अगर इंडोनेशिया रिप्लेस कर दे तो ये कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।”
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर इस आर्टिकल के निचोड़ का बात करें, तो इसमें कहा गया है कि 2012 में भारत में किसी प्रकार का रिफॉर्म नहीं है। भारत पीछे जा रहा है। इन्फ्लेशन है और भारत की स्थिति ऐसी है, मार्केट की परिस्थिति ऐसी है कि ब्रिक्स नेशन में आज सबसे पीछे कोई खड़ा है तो वह भारत है।
संबित पात्रा ने दूसरा आर्टिकल 21 सितंबर 2011 का बताया। उन्होंने बताया कि उसका हेडलाइन है ‘विद हाई इन्फ्लेशन एंड वीक करेंसी, इंडिया नॉट लाइक अदर ब्रिक कंट्रीज।
इसका जिक्र करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “तथाकथित ब्रिक्स देशों में भारत में महंगाई सबसे खराब है। करंट अकाउंट डेफिसिट चिंता का विषय है, फिस्कल डेफिसिट चिंता का विषय है, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद नए इन्वेस्टमेंट रुके हुए हैं। गोल्डमैन सैक्स के जिम ओ’नील के एक्रोनिम बनाने के बाद शायद दस साल में पहली बार ब्रिक्स कमजोर हो रहा है और इसमें ‘आई’ कमजोर हो रहा है।”
संबित पात्रा ने कहा कि इसमें लिखा गया है कि ब्रिक्स में जो ‘आई’ है वो कहीं न कहीं अस्थिर है, यानी वह गिरता हुआ नजर आ रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “आप चिंता करिए 2011-12 में जहां ब्रिक्स में भारत खोता हुआ नजर आ रहा था, आज सभी राष्ट्र, ब्रिक्स के सभी राष्ट्राध्यक्ष भारत में हैं। आज भारत ब्रिक्स समिट को ऐसे मना रहा है जैसा पहले कभी नहीं मनाया गया। आज भारत ने ग्लोबल लेवल पर अपनी जगह बनाई है, जैसी पहले कभी नहीं बनाई गई। और फिर भी हमारे कुछ नेता हैं, हमारे कुछ विरोधी लोग हैं जो इसे पचा नहीं पा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि आज कुछ लोगों को, विपक्ष के कुछ सदस्यों को, कांग्रेस पार्टी को अपच हो रहा है क्योंकि भारत आगे बढ़ रहा है। संबित पात्रा ने कहा, “याद रखिए ब्रिक्स में जो ‘आई’ था वो ‘आई’ इंडिया है और ब्रिक्स में जो इंडिया है और उसमें जो ‘आई’ है वो 140 करोड़ जनता है। मैं भारत हूं। मैं ब्रिक्स का सबसे मजबूत, सबसे मजबूत पार्टनर में से एक हूं और मुझे इस पर गर्व है।”
