ललितपुर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भाजपा पर कथित तौर पर बांटने और नफरत की राजनीति करने के आरोपों के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। खड़गे के इस बयान पर ललितपुर से भाजपा विधायक रामरतन कुशवाहा ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण और समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
रामरतन कुशवाहा ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस लगातार भाजपा के खिलाफ अलग-अलग मुद्दों पर बयानबाजी कर रही है। देश और राष्ट्र से जुड़े विषयों पर कांग्रेस को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय भावना के साथ विचार करना चाहिए। रामरतन कुशवाहा ने राष्ट्रगीत को लेकर कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि संसद के दोनों सदनों से संबंधित विधेयक पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद वह कानून बन चुका है। जब संसद से कोई कानून बन जाता है तो सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को उसका पालन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गठबंधन के सहयोगी दलों को भी कांग्रेस की नीति का पालन करना चाहिए। आपके कार्यालय में राष्ट्रगीत हो रहा है और आप कह रहे हैं कि इसे बंद कर दो, रोक दो या बीच में हिल रहे हो। राष्ट्रगीत के समय हमें सावधान की मुद्रा में खड़े होकर उस गीत को गाना चाहिए। यदि आपको पूरा गीत नहीं आता है तो मौन रहकर सावधान की मुद्रा में खड़े होकर देश के सम्मान के लिए उसे सुन सकते हो। लेकिन यह कहना कि हमें देशभक्ति का पाठ मत पढ़ाओ। आपको देशभक्ति आती कहां है? यदि आप देशभक्त होते तो देश की दुर्गति न होती। 70 साल तक शासन करके आपने केवल ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाई। हिंदू-मुस्लिम को आपस में लड़वाया। कांग्रेस का केवल एक ही काम है – हिंदुओं को तोड़-मरोड़ दो, मुसलमानों को संगठित करो।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस मुसलमानों के सबसे बड़े हितैषी बनती है, लेकिन है नहीं। वहीं, भाजपा सर्वसमाज को साथ लेकर काम कर रही है। आज सभी समाज के लोग भाजपा से जुड़े हैं। सरकार मुसलमानों की हर अपेक्षा पूरी कर रही है। बिना किसी जाति-भेदभाव के लोगों को मकान, काम करने के लिए ऋण की उपलब्धता और जो भी सुविधाएं होनी चाहिए, वो सारी सुविधाएं सरकार आज दे रही है। इसके बावजूद भी उनके मन में यह भय भरा जाता है कि भाजपा आपकी दुश्मन है, कट्टर पार्टी है, कट्टर हिंदू समर्थित पार्टी है। हमारी पार्टी सनातन संस्कृति को मानती है।
उन्होंने सवाल किया कि यदि हम सनातन संस्कृति का पोषण कर रहे हैं तो गलत क्या कर रहे हैं? सनातन संस्कृति हमारी जीवनशैली है, हमारी कार्यपद्धति है और भगवान श्रीराम हमारे आदर्श हैं। जिन लोगों का इनके प्रति भाव ठीक नहीं है, वही कहते हैं कि हमें देशभक्ति मत सिखाओ। आप इस देश का सम्मान करना सीखो। देशभक्ति तभी कही जाएगी जब आप राष्ट्र के विकास के लिए काम करोगे और सरकार द्वारा देशहित में लिए गए निर्णयों का सहयोग करोगे। यह भाव इनमें आना चाहिए। इन्हें अहंकार है कि हम जो चाहेंगे वही बोलेंगे। इनका काम केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी तरह पद से हटाने की योजना बनाना है, जो संभव नहीं है।

