नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा और इमरान मसूद की ओर से ‘सत्ता परिवर्तन’ को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, “हम इस शासन को बदलने की बात करते हैं। हम ऐसा करना जारी रखें, और हम वह बदलाव लाकर रहेंगे। आप उम्मीद करते हैं कि हम एक ऐसी दब्बू विपक्ष की भूमिका निभाएं, जो अपनी पूंछ हिलाती रहे। मुझे खेद है, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे। हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं, और हम खुलेआम कह रहे हैं कि हम इसे लाकर रहेंगे।”
पवन खेड़ा ने आगे कहा, “हमने बार-बार अपना मकसद साफ किया है। हम इस सरकार को हराना चाहते हैं और व्यवस्था बदलना चाहते हैं। हम तो खुलेआम कह रहे हैं कि हम सत्ता परिवर्तन लाएंगे। 1977 में क्या हुआ था? क्या तब सत्ता नहीं बदली थी? जब भी विपक्ष सड़कों पर उतरता है और कोई आंदोलन होता है तो सत्ता परिवर्तन की बात होने लगती है। भारत जैसे लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन कैसे होता है?”
सांसद पवन खेड़ा ने कहा, “इमरान खान से पूछा जा रहा है कि वे विरोध-प्रदर्शन कैसे कर सकते हैं, जबकि वे ‘ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया’ (ओसीआई) हैं। जब विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग डांडिया मनाते हैं तो आप खुश होते हैं और भारतीय संस्कृति को जीवित रखने के लिए उनकी तारीफ करते हैं, लेकिन जब उसी समुदाय के लोग भारत आते हैं और आपसे सवाल पूछते हैं तो आप उन्हें चले जाने को कहते हैं, उन्हें देशद्रोही बताते हैं और कहते हैं कि वे यहां से चले जाएं, क्योंकि उनके पास ओआईसी कार्ड है। यह पाखंड और दोहरे मापदंड है।”
उन्होंने आगे कहा, “जब प्रशांत भूषण ने सत्ता परिवर्तन की बात की तो वे अचानक दुश्मन बन गए। लेकिन 2013 में जब वे सत्ता परिवर्तन की मांग कर रहे थे, तब वे दोस्त थे। जब नेहा राठौर कुछ कहती हैं तो उन्हें वामपंथी, अर्बन नक्सल और फेमिनिस्ट जैसे कई नामों से पुकारा जाता है। क्या फेमिनिज्म गलत है? क्या वामपंथी होना गलत है? जब राहुल गांधी कुछ कहते हैं तो आप उनके परिवार की सात पीढ़ियों का इतिहास खंगालने लगते हैं। इसके बजाय, जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनका जवाब दें।”
सांसद इमरान मसूद ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सत्ता बदलेगी, इसे बदलना ही है। क्या आपको लगता है कि आप अमर हैं? आप संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा करके, उन्हें बर्बाद करके हमेशा के लिए राज करने की उम्मीद नहीं कर सकते। ऐसा नहीं होगा। यह बदलेगा।”
