नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय वेटलिफ्टर्स ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 8 मेडल जीते, जिनमें 1 गोल्ड, 6 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहा। इसके साथ ही भारतीय दल ने कई रिकॉर्ड्स भी बनाए। स्वदेश लौटने पर केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को इन पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
केंद्रीय मंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार उपलब्धियों के लिए गोल्ड मेडल विजेताओं को 30 लाख रुपए, सिल्वर मेडल विजेताओं को 20 लाख रुपए और ब्रॉन्ज मेडल विजेताओं को 10 लाख रुपए के नकद पुरस्कार दिए।
वेटलिफ्टर्स को बधाई देते हुए मांडविया ने कहा कि पूरे देश ने उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाया। उन्होंने कहा, “संसद में भी, हर बार जब आपने पदक जीते, तो घोषणाएं की गईं। उन पलों ने हर भारतीय को गौरवान्वित किया।”
मनसुख मांडविया ने कोचों की जमकर तारीफ की, जिनमें द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता विजय शर्मा भी शामिल थे। उन्होंने चैंपियन बनाने में कोचों की अहम भूमिका पर जोर देते हुए कहा, “एक एथलीट के सफर में गुरु की सबसे बड़ी भूमिका होती है। चैंपियन बनाने में कोच के योगदान से बड़ी कोई चीज नहीं है।”
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई चानू ने लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय वेटलिफ्टर बनकर इतिहास रचा, जबकि ऋषिकांत सिंह और वल्लुरी अजय बाबू ने स्नैच में नए ‘कॉमनवेल्थ गेम्स’ रिकॉर्ड बनाए। ज्ञानेश्वरी यादव और हरजिंदर कौर सहित कई वेटलिफ्टर्स ने अपना पर्सनल-बेस्ट प्रदर्शन किया।
इन खेलों में 11 वेटलिफ्टर्स में से छह ‘खेलो इंडिया एथलीट’ (केआईए) हैं। पदक विजेताओं में ज्ञानेश्वरी एक खेलो इंडिया एथलीट हैं, जबकि बिंद्यारानी देवी, हरजिंदर और अन्य पटियाला में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एनसीओई) में ट्रेनिंग करते हैं। यह सेंटर भारत के ग्रासरूट और एलीट एथलीट डेवलपमेंट इकोसिस्टम की सफलता में अहम भूमिका निभाता है।
खेल मंत्री ने एथलीट्स से खेल के एम्बेसडर बनने की अपील करते हुए वेटलिफ्टर्स से स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं को खेल अपनाने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा, “आपकी कहानियां हजारों बच्चों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। हम सभी मिलकर एक सच्चे खेल-प्रेमी देश के निर्माण की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहे हैं।”
मांडविया ने वेटलिफ्टर्स से उनके संघर्षों, पोडियम तक पहुंचने के सफर और भविष्य की प्रतियोगिताओं, खासकर एशियन गेम्स 2026 के लिए उनकी उम्मीदों पर बातचीत की। जो खिलाड़ी पोडियम तक पहुंचने से मामूली अंतर से चूक गए, उनसे खेल मंत्री ने कहा कि वे हिम्मत न हारें।
खेल मंत्री ने कहा, “एक खिलाड़ी कभी असल में हारता नहीं है। मायने यह रखता है कि आपमें बेहतर होते रहने का जुनून हो। मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद और 140 करोड़ भारतीयों का समर्थन हमेशा आपके साथ है।”
भारतीय खेलों के लिए सरकार के लंबे समय की दूरदर्शिता पर जोर देते हुए, मांडविया ने कहा, “देश ने आप पर निवेश किया है क्योंकि उसे आपकी क्षमता पर भरोसा है। हर संभव सुविधा तैयार की जा रही है ताकि भारतीय एथलीट दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का मुकाबला कर सकें।”

