बर्मिंघम, 14 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खिलाफ विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के हाई-वोल्टेज मैच की ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ दीप्ति शर्मा ने 4 ओवरों में महज 10 रन देकर 5 विकेट हासिल किए। इसी के साथ दीप्ति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘350 विकेट’ का आंकड़ा छूने वाली दूसरी महिला बन गईं।
दीप्ति शर्मा ने अब तक भारत के लिए 354 विकेट हासिल किए हैं। इस लिस्ट में पूर्व तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी शीर्ष पर हैं, जिन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 355 विकेट निकाले। इस लिस्ट में इंग्लैंड की कैथरीन साइवर-ब्रंट (335) तीसरे स्थान पर हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया की एलिस पेरी (332) चौथे पायदान पर हैं। पांचवें स्थान पर इंग्लैंड की सोफी एक्लेस्टोन (327) मौजूद हैं।
रविवार को एजबेस्टन में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट गंवाकर 170 रन बनाए। इसके जवाब में पाकिस्तानी टीम महज 17 ओवरों में 106 रन पर सिमट गई। भारत ने 64 रन से मैच अपने नाम किया।
शानदार गेंदबाजी से पहले दीप्ति ने बतौर बल्लेबाज 9 गेंदों में 1 चौके के साथ 12 रन की नाबाद पारी खेली। इस दौरान ऋचा घोष के साथ छठे विकेट के लिए 21 गेंदों में 45 रन की साझेदारी की।
ऐतिहासिक जीत के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने जाने पर दीप्ति शर्मा ने कहा, “मैं बहुत आभारी हूं। मुझे इस तरह की पिचें पसंद हैं, इसका पूरा श्रेय टीम को जाता है और मैं बहुत शुक्रगुजार हूं। हनुमान जी की कृपा अपार है। मुझे आईसीसी टूर्नामेंट पसंद हैं, मुझे लगता है कि मैंने वहीं से शुरुआत की थी, इसलिए मुझे ये पसंद हैं।”
पिच को लेकर दीप्ति ने कहा, “मुझे लगता है कि क्योंकि गेंद टर्न हो रही थी, इसलिए मैंने हर गेंद और हर ओवर में अपनी गति बदली। इससे मुझे बहुत मदद मिली, क्योंकि गेंद टर्न हो रही थी, इसलिए मैंने हवा में थोड़ी धीमी गेंद डालने और खुद पर भरोसा रखने और सही जगहों पर गेंदबाजी करने पर ध्यान दिया। मैं बस यही कर रही थी।”
इस मुकाबले को देखने 18,814 फैंस स्टेडिमय पहुंचे थे। उन्होंने कहा, “फैंस की संख्या जबरदस्त थी और बहुत से लोग हमें सपोर्ट करने आए थे। हम यही चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग सपोर्ट करें। खासतौर पर मैं स्मृति और हैरी (हरमनप्रीत) दी की साझेदारी के बारे में बताना चाहूंगी। इसी साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। मुझे हमेशा खुद पर भरोसा रहता है कि जब भी सही समय आएगा, मैं आगे बढ़कर अच्छा प्रदर्शन करूंगी। असल में, जब मुझे विकेट नहीं मिल रहे थे तो मैं परेशान नहीं थी, लेकिन मुझे हमेशा खुद पर भरोसा रहता है कि जब भी सही समय आएगा, मैं टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करूंगी और मैं इसी तरह खेलती और गेंदबाजी करती हूं।”

