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दिल्ली बिल्डिंग हादसा: सांसद बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई, छात्रों ने सुनाई आपबीती

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नई दिल्‍ली, 6 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल और रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली में इमारत गिरने की घटना पर दुख जताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। घटनास्थल के आसपास मौजूद प्रत्‍यक्षदर्शियों को इमारत गिरने पर भूकंप जैसा महसूस हुआ। इस हादसे के बाद लोगों में भय का माहौल है।

दरअसल,राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को गिरी कई मंजिला इमारतों से कई व्यक्तियों की मौत हो गई और छह लोगों को अब तक बचाया जा चुका है।

सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, “यह बहुत दुखद घटना है। जैसे ही हमें इस घटना की जानकारी मिली, हमारे विधायक अनिल शर्मा तुरंत मौके पर पहुंचे। जो भी इसके लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्‍त से सख्‍त कार्रवाई की जाएगी।”

रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि पुरानी इमारत थी,यह कोई साल या दो साल पहले नहीं बनी है। इमारत गिरने की घटना बहुत दुखद है। शासन-प्रशासन फंसे हुए लोगों को बचाने में लगे हैं। घायलों का इलाज अस्‍पताल में चल रहा है। जांच के लिए कमेटी का गठन हो गया है, दोषियों पर सख्‍त कार्रवाई होगी। मेरी जानकारी के मुताबिक,मकान मालिक की गिरफ्तारी हो गई है।

सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर डूसू अध्यक्ष आर्यन मान ने कहा, “जैसे ही यह हादसा हुआ, मैं यहां से सिर्फ 10 मिनट की दूरी पर मौजूद था। मैं तुरंत मौके पर पहुंचा। साउथ कैंपस में मौजूद एबीवीपी के सभी कार्यकर्ता भी मेरे साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। लगभग 8 से 10 छात्रों को बचाया गया, और मैंने खुद टीम के साथ मिलकर तीन जिंदा छात्रों को एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा।”

सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर भाजपा विधायक कैलाश गहलोत ने कहा, “मुझे एक्स पोस्ट पर से घटना जानकारी मिली। सबसे पहले, इस मुश्किल घड़ी में हम उन सभी परिवारों के साथ खड़े हैं। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि दिल्ली सरकार पूरे परिवार के साथ खड़ी है, और इस मुश्किल घड़ी में हम पूरे परिवार के साथ हैं।”

वहीं, स्थानीय लोगों को पहले तेज आवाज सुनाई दी और भूकंप का शक हुआ, बाद में पता चला कि इमारत गिर गई है। बगल की इमारत में भी दरारें दिख रही हैं।

एक स्‍थानीय दिवांग ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि पुरानी होने की वजह से यह इमारत गिरी है। सरकार को पुरानी इमारतों को लेकर सख्‍ती दिखानी चाहिए।

एक अन्‍य स्‍थानीय प्रत्‍यक्षदर्शी पंकज ने बताया कि वह करीब 40 साल से यहां रह रहे हैं। यहां निर्माण का काम चल रहा था। पीजी था और छात्र रह रहे थे, अभी कॉलेज भी खुले हुए हैं। अनुमान के मुताबिक, ज्‍यादातर छात्र कमरे में रहे होंगे। बारिश का मौसम होने के चलते लोग बाहर कम निकल रहे हैं। इमारत का ग्राउंड फ्लोर काफी समय से बंद था। हाल ही में इमारत में निर्माण काम शुरू किया गया। इस दौरान भारी मशीनों से सपोर्टिंग दीवारों को हटाया गया। इसकी वजह से बिल्डिंग गिर पड़ी। रेस्‍क्‍यू के दौरान करीब 5-6 बच्‍चों को निकाला गया है, और ज्‍यादा बच्‍चों के फंसे होने की उम्‍मीद है।

उन्‍होंने बताया कि मकान में मजदूर काम कर रहे थे। इमारत के आसपास रेहड़ी वाले भी रहते थे। इमारत के गिरने से जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। बगल की इमारत में भी दरारें दिखाई दे रही थीं। इस वजह से लोगों को यहां आने के लिए रोक दिया गया है। मेरा घर पास में है और मुझे रोक दिया गया है।

बगल की इमारत में रहने वाले छात्र कुशाग्र ने बताया कि पहले वह पीजी में रहते थे। फर्स्‍ट ईयर में आने वाले छात्र ज्‍यादातर पीजी में रहते हैं। हमें अचानक लगा कि जैसे भूकंप आ गया है। हमें ऐसा महसूस हुआ कि भूकंप का केंद्र पास में है। हमने जैसे ही बालकनी में आकर देखा तो नीचे पूरा धुंआ-धुंआ हो गया था। हम एक रूम में तीन लोग रहते हैं, सभी भागकर नीचे आ गए। देखा कि एक इमारत पूरी तरह से ढह गई है, जिसकी वजह से आसपास के मकान भी हिल गए थे।

कुशाग्र ने बताया हम सभी मदद में लग गए और एक व्‍यक्ति को बाहर निकाला। अब यहां के सभी छात्रों में भय का माहौल है।

चश्मदीद गवाह कृष्ण भारद्वाज ने मोती बाग के सत्य निकेतन में शिव मंदिर के पास इमारत गिरने की घटना के बारे में बताया, जबकि घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है। कृष्ण भारद्वाज ने आईएएनएस को बताया कि दो बच्‍चे जिंदा थे और पानी मांग रहे थे। ऐसा लग रहा था कि उनकी जान चली गई है। हमने रेस्‍क्‍यू कर किसी तरह से उनकी जान बचाई। इस दौरान मेरे ऊपर भी कुछ गिरा और पैर में चोट लग गई। एंबुलेंस से मुझे लेकर जाया गया और इलाज हुआ।

मलबे में फंसे एक युवक के भाई, अभ्युदय प्रताप, ने कहा, “मेरा भाई आदित्य एएसआईडी में पढ़ता है। उसने अभी यह वीडियो भेजा है। वह अंदर फंसा हुआ है, मैंने अपने भाई को अस्पताल छोड़ा था और तभी मुझे अपने दूसरे भाई का वीडियो मिला। इसके बाद, लोग कह रहे हैं कि यह हाल का वीडियो नहीं है और इसे काफी समय पहले रिकॉर्ड किया गया था।”