नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण-पश्चिम जिले की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किए जा चुके थे और लंबे समय से कानून से बच रहे थे। यह कार्रवाई भीकाजी कामा प्लेस चौकी, आरके पुरम और सरोजिनी नगर थाने की टीमों ने की है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुंदर राज (49), लोग नाथन उर्फ एन. लोगनाथन (36), रुकमन (49) और छोटू कश्यप (29) के रूप में हुई है। इनमें से पहले तीन आरोपी तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के रहने वाले हैं। कोर्ट ने इन्हें भगोड़ा घोषित किया था।
पुलिस के मुताबिक, भगोड़े अपराधियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। टीमों ने मैनुअल और तकनीकी निगरानी, मुखबिरों की सूचना और फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर छापेमारी की।
आरके पुरम थाने की भीकाजी कामा प्लेस चौकी की टीम में एसआई सत्येंद्र गुलिया, हेड कांस्टेबल कुलदीप, रामफूल, इंद्राज और कांस्टेबल लोकेश शामिल थे। यह टीम इंस्पेक्टर यशपाल सिंह, एसएचओ आरके पुरम के मार्गदर्शन और एसीपी बब्बर भान के सुपरविजन में काम कर रही थी।
एरिया पेट्रोलिंग के दौरान टीम ने तीन लोगों को संदिग्ध अवस्था में घूमते देखा। जांच करने पर पता चला कि तीनों तिरुचिरापल्ली के कुख्यात ठक-ठक गैंग के सदस्य हैं और भगोड़े घोषित हैं। समय पर कार्रवाई से पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया, जिससे एक संभावित वारदात भी टल गई।
दूसरी बड़ी कार्रवाई सरोजिनी नगर थाने की टीम ने की। टीम में एसआई दीपक, हेड कांस्टेबल अमरजीत, मुकेश और अजीत शामिल थे, जो इंस्पेक्टर अतुल त्यागी और एसीपी मेलविन वर्गीस के सुपरविजन में काम कर रहे थे।
यह मामला एफआईआर नंबर 450/2025 का है, जिसमें छोटू कश्यप पर नाबालिग के अपहरण का आरोप है। कोर्ट ने 6 जुलाई को उसे भगोड़ा घोषित किया था और उसकी गिरफ्तारी पर 20,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस टीम ने करीब 5,000 किलोमीटर तक पीछा किया, कई जगह छापेमारी की और तकनीकी निगरानी व मुखबिरों की मदद से आरोपी को पंजाब के गोविंदपुर मंडी से पकड़ा। इस दौरान 14 साल की अपहृत नाबालिग लड़की को भी सकुशल बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि अभी और भी भगोड़े अपराधियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
