दिल्ली: कुख्यात सोनू दरियापुर गैंग का वांछित बदमाश आर्यन गिरफ्तार, पिस्टल-कारतूस बरामद

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नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली के आउटर नॉर्थ जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात सोनू दरियापुर गैंग के एक वांछित बदमाश को गिरफ्तार किया है। पुलिस की मुस्तैदी और खुफिया जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई नरेला-अलीपुर रोड स्थित जीत फार्म के पास की गई, जहां से आरोपी को दबोचा गया।

गिरफ्तार किए गए बदमाश की पहचान आर्यन पुत्र सतीश कुमार, निवासी प्रह्लादपुर बांगर, दिल्ली के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 22 वर्ष बताई गई है।

पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, आर्यन थाना सुल्तानपुरी इलाके में हुई फायरिंग की घटना में 19 मार्च 2026 से फरार चल रहा था और लगातार गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। आउटर नॉर्थ जिले की एएटीएस को 30 मार्च को इस संबंध में गुप्त सूचना मिली थी कि सोनू दरियापुर गैंग का एक सक्रिय सदस्य इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद इंस्पेक्टर आनंद कुमार झा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें एसआई डिंपी गुलिया, हेड कांस्टेबल आशाराम और कांस्टेबल सचिन शामिल थे। इस पूरी कार्रवाई की निगरानी एसीपी ऑपरेशंस और डीसीपी आउटर नॉर्थ द्वारा की जा रही थी, जबकि समग्र नेतृत्व संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह के पास था।

टीम ने तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रैक की और उसे जीत फार्म के पास घेरकर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से .32 बोर की एक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद थाना नरेला इंडस्ट्रियल एरिया में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी पहले भी आर्म्स एक्ट के दो मामलों में शामिल रह चुका है। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसने हाल ही में अपने प्रतिद्वंदी अरुण दिल्ली गैंग के सदस्यों पर सुल्तानपुरी इलाके में फायरिंग की थी। इस मामले में अन्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि वह लगातार कानून से बचता फिर रहा था। उसने यह भी बताया कि वह आगे और हथियार जुटाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने और युवाओं को गैंग में शामिल करने की योजना बना रहा था।

पुलिस की इस कार्रवाई में एक अत्याधुनिक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस की बरामदगी हुई है, जो संभावित बड़े अपराध को टालने में अहम साबित हुई। आउटर नॉर्थ जिला पुलिस की इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खुफिया तंत्र, सतर्क निगरानी और पेशेवर प्रतिबद्धता के दम पर संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियानों से दिल्ली में अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और शहर को सुरक्षित बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।