नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। सत्य निकेतन हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी (आप) ने सवाल उठाते हुए महज खानापूर्ति बताया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता जरनैल सिंह ने कहा कि इस मामले में सिर्फ अधिकारियों को निलंबित करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में बिल्डिंग गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। हर बार सरकार सिर्फ अधिकारी को सस्पेंड करके खानापूर्ति करती है। अगर सरकार को दिल्ली की जनता से प्यार और उनकी सुरक्षा की चिंता है तो उन दोषियों के खिलाफ एक्शन लें, जिनकी निगरानी में अवैध इमारत बने।
उन्होंने कहा कि भाजपा दिल्ली एमसीडी की सत्ता पर काबिज है। सारे दस्तावेज और कागज निकाले जाएं और देखा जाए कि जहां भी अवैध निर्माण हुआ, वहां कौन जेई था। सभी की लिस्ट बनाकर सभी के खिलाफ क्रिमिनेल केस चलाना चाहिए, साथ ही उन पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी एक्शन होना चाहिए जो बिल्डिंग बनाने के दौरान घूस लेते हैं। अगर कार्रवाई होती है, तब जाकर ही सत्य निकेतन जैसे हादसे रुक पाएंगे।
जरनैल सिंह ने कहा कि मानसून के मौसम में इमारत के बेसमेंट की खुदाई का काम चल रहा था। यह सब विधायक की नाक के नीचे हो रहा था। इससे भी बड़ा सवाल जवाबदेही का है, क्योंकि एमसीडी का बिल्डिंग विभाग इसके लिए जिम्मेदार है। बिल्डिंग विभाग का जेई छोटी-सी निर्माण सामग्री मंगवाने पर भी वसूली के लिए पहुंच जाता है, लेकिन इतनी बड़ी और असुरक्षित इमारत में चल रहे निर्माण कार्य पर कार्रवाई नहीं की गई। इतनी बड़ी और असुरक्षित इमारतें, जहां इतने सारे बच्चे रह रहे थे। इस त्रासदी से बड़ा और क्या सबूत चाहिए, भाजपा सरकार या भाजपा शासित नगर निगम को? कुछ रुपए की लालच में अधिकारी आते हैं और लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं। मलबे से सात शव निकाले जा चुके हैं। उनके परिवारों पर क्या बीत रही होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
जरनैल सिंह ने कहा कि सरकार की नीयत काम करने की है तो अवैध निर्माण के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन, दिल्ली में लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन सरकार उनसे सबक नहीं ले रही है। उन्होंने दिल्ली में चल रहे पीजी की भी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक हॉस्टल और पीजी की उचित प्रोफाइलिंग नहीं होती, तब तक सरकार को छात्रों के लिए आवश्यक व्यवस्था करनी चाहिए। दिल्ली में अवैध इमारतों के निर्माण को रोकने के लिए एमसीडी के बिल्डिंग विभाग में प्रत्येक वार्ड के लिए एक जूनियर इंजीनियर (जेई) की व्यवस्था है। उसकी जिम्मेदारी होती है कि वह अपने क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों पर नजर रखे और अवैध निर्माण को रोके। इसके बावजूद अवैध इमारतें बन रही हैं।
आप नेता संजीव झा ने कहा कि केवल अधिकारियों पर कार्रवाई करके सरकार इस मामले से बच नहीं सकती। जो छात्र पढ़ाई के लिए दिल्ली आए थे, उनके परिवारों का सहारा छिन गया है। ऐसे में केवल खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा। दिल्ली में जहां-जहां इस तरह की घटनाएं हुई हैं, वहां कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। कई मामलों में आरोपी जेल जाने के बाद जल्द ही जमानत पर बाहर आ जाते हैं।
