नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने मंगलवार रात भोपुरा बॉर्डर के पास 1.504 किलोग्राम स्मैक/हेरोइन बरामद की है। बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 7.5 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में पति-पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरिफ नामक व्यक्ति बरेली (उत्तर प्रदेश) से भारी मात्रा में हेरोइन लाकर गाजियाबाद और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करता है।
सूचना के आधार पर भोपुरा बॉर्डर क्षेत्र में रेकी की गई और संदिग्ध वैगनआर टैक्सी पर नजर रखी गई। तकनीकी और मानवीय खुफिया तंत्र को सक्रिय करते हुए इंस्पेक्टर विकास पन्नू के नेतृत्व तथा एसीपी/एएनटीएफ सतेंद्र मोहन के पर्यवेक्षण में टीम गठित की गई।
गाजियाबाद की ओर से आती एक संदिग्ध वैगनआर कार को घेराबंदी कर रोका गया। कार में सवार आरिफ खान (36) और उसकी पत्नी शिखा अली (30) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इस दौरान तलाशी में उनके कब्जे से 303 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जबकि कार की पिछली सीट पर रखे बैग से 1007 ग्राम हेरोइन मिली। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों परिवार के साथ यात्रा का बहाना बनाकर रात के अंधेरे में तस्करी करते थे, ताकि पुलिस को शक न हो।
दंपति से पूछताछ के बाद हेरोइन के रिसीवर जुम्मन (32), निवासी जे.जे. कॉलोनी, भलस्वा डेयरी दिल्ली को भी गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर 194 ग्राम हेरोइन और बरामद की गई। इस तरह कुल बरामदगी 1504 ग्राम रही।
जांच में सामने आया कि आरिफ कोविड काल में नौकरी छूटने के बाद टैक्सी चलाने लगा और बरेली के एक कथित किंगपिन के संपर्क में आकर तस्करी में शामिल हो गया। जुम्मन पुड़िया बनाकर स्थानीय स्तर पर ड्रग्स सप्लाई करता था।
क्राइम ब्रांच ने बताया कि इस ऑपरेशन से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बड़े ड्रग नेटवर्क की कड़ी टूट गई है। पूरे सप्लाई चेन का खुलासा करने और अन्य राज्यों में जुड़े आरोपियों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है। जल्द ही इससे जुड़े अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

