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पहलगाम हमले में मारे गए संतोष जगदाले की बेटी ने किया एकनाथ शिंदे का शुक्रिया, बोली–नौकरी मिलने तक साथ दें

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पुणे, 17 फरवरी (आईएएनएस)। पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी मदद से अब चीजें काफी हद तक ठीक हो रही हैं। मैं चाहती हूं कि जब तक मुझे सरकारी नौकरी नहीं मिल जाती, वे इस मामले को अपने स्तर पर देखें।

पहलगाम आतंकी हमले में संतोष जगदाले उन लोगों में शामिल थे, जिनकी आतंकी हमले में मौत हुई। महाराष्ट्र सरकार ने पीड़ित के परिवार को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन नौकरी के लिए पीड़िता के परिवार को काफी संघर्ष करना पड़ा।

आईएएनएस से बातचीत में असावरी ने देरी पर गुस्सा जताया और कहा कि उसके परिवार को बार-बार अधिकारियों और मंत्रियों से संपर्क करना पड़ा, लेकिन कोई साफ जवाब नहीं मिला।

उसने कहा, “नौकरी देने का भरोसा दिए 10 महीने हो गए हैं, लेकिन मुझे कोई जवाब नहीं मिल रहा था। इस प्रोसेस के दौरान मैंने कुछ लोगों से बात की। मैं कई मंत्रियों और उनके पीए से मिली, लेकिन हमें उनसे कोई उम्मीद के मुताबिक जवाब नहीं मिला।”

असावरी ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब परिवार ने लगभग उम्मीद छोड़ दी थी, हालांकि उन्होंने आगे बढ़ने में मदद के लिए भाजपा नेता मेधा कुलकर्णी के दखल को क्रेडिट दिया।

असावरी ने कहा, “एक समय ऐसा भी था जब हमने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन एक भाई था जिसने मुझे मेधा कुलकर्णी ताई के पास जाने का सुझाव दिया। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि वह हमारी मदद करेंगी। हाल ही में वह दिल्ली गईं। जब वह वहां थीं, तो हमने फोन पर बात की। फिर मेरी मां ने सुझाव दिया कि अमित शाह से बात क्यों नहीं करते। उन्होंने उन्हें एक लेटर लिखा और सारी डिटेल्स शेयर कीं।”

उन्होंने याद किया कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह 23 अप्रैल को श्रद्धांजलि देने के लिए श्रीनगर आए थे, जिससे उन्हें सपोर्ट मिलने की उम्मीद फिर से जगी, हालांकि कुछ नहीं हुआ।

इस मुद्दे पर तब ज्यादा ध्यान गया, जब मेधा कुलकर्णी ने हाल ही में इसके बारे में पोस्ट किया, जिसके बाद कई मीडिया संस्थानों ने परिवार से संपर्क किया। उन्होंने कहा, “मेधा ताई की पोस्ट की वजह से मीडिया हमसे जुड़ गया। कल, कई न्यूज चैनल और अखबारों ने इसे कवर किया। यह मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक भी पहुंचा और उन्होंने पुणे नगर निगम अधिकारियों को मेरी नौकरी के लिए ऑर्डर जारी करने का आदेश दिया।”

शुक्रिया अदा करते हुए असावरी ने कहा, “मैं डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को धन्यवाद देना चाहती हूं। उनकी मदद से अब चीजें ठीक हो रही हैं।”

उन्होंने कहा कि इस प्रोसेस के दौरान उनके परिवार को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा और उन्होंने अपनी मां को पूरे समय मजबूती से खड़े रहने का क्रेडिट दिया।

उन्होंने कहा, “एकमात्र मुश्किल यह थी कि हम डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे तक नहीं पहुंच पा रहे थे। चुनाव होने की वजह से यह और मुश्किल हो गया। मैं उनसे रिक्वेस्ट करती हूं कि जब तक मुझे नौकरी नहीं मिल जाती, वह हमारे मामले को देखते रहें।” असावरी ने कहा कि उन्हें अभी तक ऑफिशियल डॉक्यूमेंट नहीं मिले हैं और उम्मीद है कि इस हफ्ते के अंदर फॉर्मल प्रोसेस पूरा हो जाएगा।