राजगढ़, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूरे देश में शारदीय नवरात्रि का पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। पहले दिन से ही देश के प्रमुख देवी मंदिरों और पंडालों में भक्तों का तांता लगा हुआ है।
नवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में महाकाल सेवा समिति, ब्यावरा द्वारा मां कालिका की 15 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है, जो पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह प्रतिमा पूरी तरह से हाथों से और मिट्टी से बनाई गई है।
इस प्रतिमा को बनाने वाले मूर्तिकार राकेश सिंह पंवार उर्फ गब्बू ने बताया कि ब्यावरा में माता की झांकी सजाने की परंपरा उनके परिवार से जुड़ी है। इसकी शुरुआत साल 1972 में उनके पिता दिवंगत राजेंद्र सिंह पंवार ने की थी। उस समय वे अपने हाथों से नवरात्रि में माता के नौ रूपों की नौ अलग-अलग झांकियां बनाते थे।
पिता के निधन के बाद पिछले करीब 25-30 सालों से राकेश इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 15 फीट की इस विशाल प्रतिमा को बनाने में दो से ढाई महीने का समय लगता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले नदी की मिट्टी लाई जाती है, फिर घास इकट्ठा कर ढांचा तैयार किया जाता है। मूर्ति पूरी तरह से मिट्टी की बनी है, इसमें सीमेंट का उपयोग नहीं किया जाता। रंगाई के लिए वाटर कलर का इस्तेमाल होता है, जिसे उनका छोटा भाई करता है। श्रृंगार का सामान वे विशेष रूप से भोपाल से लेकर आते हैं।
वहीं, देवास में नवरात्रि के छठे दिन माता टेकरी स्थित मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ी है। हजारों भक्त सुबह की आरती में शामिल हुए। कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने पर घुटनों के बल चलकर मंदिर पहुंच रहे हैं।
मंदिर के पुजारी सुरेश नाथ ने बताया, “आज शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है, यहां देवी कात्यायनी विराजमान हैं। आज तक 10 लाख से अधिक भक्तों ने आशीर्वाद लिया है। भक्त दूर-दूर से, कई नंगे पैर चलकर आए हैं। देवी सबकी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।”
