अंबाला, 17 मई (आईएएनएस)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर सियासत जारी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, जिस पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज तीखी प्रतिक्रिया दी है।
अनिल विज ने कहा कि आजकल इस्तीफे की मांग करना एक आम राजनीतिक चलन बन गया है, जबकि असली मुद्दा काम करके दिखाने का होता है। धर्मेंद्र प्रधान का बचाव करते हुए कहा कि वह सरकार के सबसे काबिल मंत्रियों में से एक हैं और जैसे ही पेपर लीक का मामला सामने आया, उन्होंने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। इस मामले में लगातार कार्रवाई हो रही है, दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। जांच की जा रही है कि आखिर कमियां कहां रह गईं।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि खड़े होकर इस्तीफा मांग लेना आसान है, लेकिन जिम्मेदारी निभाना और ठोस कार्रवाई करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। असली जवाबदेही केवल बयानों से नहीं, बल्कि जमीन पर की जा रही कार्रवाई से तय होती है और सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
दरअसल, राहुल गांधी ने मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “साल 2024 में नीट पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द नहीं हुई। मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई ने जांच बिठाई। एक कमेटी बनी। दूसरी ओर, साल 2026 में नीट पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। मंत्री ने फिर इस्तीफा नहीं दिया। सीबीआई फिर जांच कर रही है। एक और कमेटी बनेगी।”
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी देश आपसे कुछ सवाल पूछ रहा है। जवाब दो, बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं। बार-बार इस परीक्षा पे चर्चा पर आप चुप क्यों हैं। बार-बार फेल हो रहे शिक्षा मंत्री को आप बर्खास्त क्यों नहीं कर रहे हैं।
एक दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मोदी सरकार में जिम्मेदारी नहीं होती। सिर्फ जालसाजी का एक तय फॉर्मूला है। पहले लंबी खामोशी, फिर गुनहगारों को संरक्षण, फिर सवाल पूछने वालों पर हमला। नीट पेपर लीक हुआ, लेकिन एक भी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। 2024 में एनटीए डीजी को हटाया और अब मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव बना दिया। यह सरकार जवाबदेही लेने वाली नहीं, जवाबदेही से दूर भागने की मशीन है।

