नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। आज के समय में मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है। लगातार स्क्रीन देखने की वजह से आंखों में थकान, जलन, सूखापन और रोशनी से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में आंखों की सही देखभाल करना बेहद जरूरी हो गया है। आयुर्वेद में आंखों को शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग माना गया है और इन्हें स्वस्थ रखने के लिए कई आसान उपाय बताए गए हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, आंखों की समस्याओं के पीछे मुख्य रूप से तीन कारण हो सकते हैं। पहला, आंखों का जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से इस्तेमाल करना। दूसरा, अपनी जीवनशैली और आदतों में लापरवाही करना। तीसरा, मौसम में होने वाले असामान्य बदलाव। इनसे बचने के लिए सही खानपान, अच्छी दिनचर्या और कुछ प्राकृतिक उपायों को अपनाने की सलाह दी गई है।
आंखों की देखभाल के लिए पादाभ्यंग (पैरों की तेल से मालिश) को भी लाभकारी बताया गया है। रोजाना गुनगुने तेल से पैरों की मालिश करने से शरीर को आराम मिलता है और आंखों की थकान कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा ठंडे पानी से आंखों को धोना भी एक आसान उपाय है। दिन में कुछ बार आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारने से ताजगी महसूस होती है।
आयुर्वेद और योग में आंखों के लिए कई तरह के अभ्यास बताए गए हैं। इनमें पामिंग एक सरल तरीका है। इसमें आंखें बंद करके हथेलियों से उन्हें ढककर कुछ देर आराम किया जाता है। इससे आंखों को आराम मिलता है और तनाव कम महसूस होता है। इसी तरह आंखों को धीरे-धीरे दाएं-बाएं घुमाने जैसे अभ्यास भी आंखों की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद कर सकते हैं।
सूर्य की हल्की रोशनी में बैठना, मोमबत्ती की लौ पर ध्यान केंद्रित करना और त्राटक जैसे योग अभ्यास भी पारंपरिक रूप से आंखों के लिए उपयोगी माने जाते हैं।
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए कुछ बुरी आदतों से बचना भी जरूरी है। ज्यादा देर तक स्क्रीन देखने से बचें, पर्याप्त नींद लें और आंखों पर अनावश्यक दबाव न डालें।
इसके अलावा, पढ़ते समय पर्याप्त रोशनी का ध्यान रखें और किताब या स्क्रीन को आंखों से उचित दूरी पर रखें। समय-समय पर आंखों को आराम देना भी जरूरी है। लंबे समय तक आंखों में परेशानी, धुंधला दिखाई देना या दर्द जैसी समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

