पश्चिम मेदिनीपुर, 30 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने अवैध रूप से राज्य में रहने वाले लोगों के बांग्लादेश वापस लौटने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सुलझाना और साफ करना होगा, तभी बंगाल में शांति आएगी।
मंत्री दिलीप घोष ने पश्चिम मेदिनीपुर में शनिवार सुबह पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “अभी घुसपैठिए अपनी मर्जी से खुद ही बांग्लादेश लौट रहे हैं। लेकिन, यह सिर्फ 2,000 या 5,000 लोगों को हटाने का मामला नहीं है। हर दिन लाखों लोगों को हटाना पड़ेगा। तभी यहां रहने वाले करोड़ों घुसपैठिए यहां से जाएंगे। वे सभी सरकारी योजनाओं और फ़ायदों का लाभ उठा रहे हैं। वे कानून-व्यवस्था की समस्याएं पैदा करने के लिए भी जिम्मेदार हैं। इस मुद्दे को सुलझाना और साफ करना होगा, तभी बंगाल में शांति आएगी।”
राज्य में जगह-जगह अतिक्रमण की घटनाओं पर दिलीप घोष ने कहा, “जहां कहीं भी अतिक्रमण या अवैध कब्जा हुआ है, वहां मामला दर्ज किया जाना चाहिए- चाहे वह किसी की निजी जमीन हो या सरकारी जमीन। इसकी शिकायत दर्ज की जानी चाहिए। जो व्यक्ति इसके लिए जिम्मेदार है, उसे अतिक्रमण हटाना चाहिए, उसे तोड़ देना चाहिए और जमीन खाली कर देनी चाहिए। अन्यथा, कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और जो भी आवश्यक कदम होंगे, वे उठाए जाएंगे।”
चुनाव के बाद की हिंसा पर उन्होंने कहा, “अब तक जो अपराधी और असामाजिक तत्व राजनीति में आ गए थे, वे कई जगहों पर समस्याएं खड़ी कर रहे हैं। पुलिस अपना काम कर रही है और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस के साथ उनके जो अवैध संबंध थे, अब उनका खुलासा हो गया है। कुछ लोग शरारत कर रहे हैं, लेकिन पुलिस उनके खिलाफ सख्त कदम उठाएगी। बंगाल में कोई भी किसी तरह कानून के खिलाफ काम नहीं कर पाएगा।”
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता और पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सुजीत बोस जैसे कई लोग पहले से ही सलाखों के पीछे हैं। ऐसे और भी लोग जेल जाएंगे। घोष ने कहा, “कानूनी कार्यवाही अदालत के हाथों में है। अदालत क्या करेगी, यह फैसला अदालत ही करेगी। हम इस बारे में क्या कह सकते हैं?”

