नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मी बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञ पानी पीने की मात्रा पर जोर दे रहे हैं। कई लोग आज भी इस बात में उलझन में रहते हैं कि रोजाना कितना पानी पीना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, पानी की जरूरत हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होती है।
हेल्थ एक्सपर्ट व विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सबसे बड़ा मिथक यह है कि हर किसी को रोजाना ठीक 8 गिलास पानी पीना चाहिए। लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह एक सामान्य सलाह है, जो हर व्यक्ति पर लागू नहीं होती। वास्तव में पानी की मात्रा मौसम, शारीरिक गतिविधि, उम्र, वजन और खान-पान के आधार पर बदलती रहती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मिथक है कि हमें रोजाना 8 गिलास यानी लगभग 2 लीटर पानी पीना चाहिए। वहीं, तथ्य यह है कि ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों को हाइड्रेटेड रहने के लिए कुल तरल पदार्थ (पानी, अन्य पेय और खाने से मिलने वाला पानी) लगभग 2.7 लीटर से 3.7 लीटर तक की जरूरत होती है। इसमें से सिर्फ 1.5 से 2 लीटर या उससे थोड़ा ज्यादा साफ पानी पीना पर्याप्त हो सकता है। पुरुषों को महिलाओं की तुलना में थोड़ी ज्यादा मात्रा की जरूरत पड़ती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, पानी की सही मात्रा तय करने के लिए शरीर के संकेतों पर ध्यान दें। हल्का पीला पेशाब, पूरे दिन ऊर्जा बनी रहना और प्यास न लगना अच्छे हाइड्रेशन के संकेत हैं। गर्मी, व्यायाम, ज्यादा नमक वाली डाइट या बीमारी के दौरान पानी की जरूरत बढ़ जाती है।
पानी को जीवनदायक कहा जाता है। यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है, पाचन क्रिया सुधारता है, त्वचा को स्वस्थ बनाता है, जोड़ों में राहत देता है और थकान कम करता है। पर्याप्त पानी न पीने से सिरदर्द, कब्ज, कमजोरी और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि दिन भर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिएं। सुबह उठते ही एक गिलास पानी पीना अच्छी आदत है। बाहर निकलने से पहले और बाद में अतिरिक्त पानी लें। चाय, कॉफी या जूस को पूरी तरह पानी का विकल्प न मानें। डॉक्टर्स का कहना है कि प्यास लगने पर ही पानी पीना काफी नहीं होता। खासकर गर्मियों में ज्यादा पानी पीना जरूरी है। अगर कोई बीमारी जैसे किडनी या हृदय की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह से ही पानी की मात्रा तय करें।

