मुंबई, 6 सितंबर (आईएएनएस)। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हिंदू-मुस्लिम बयान को लेकर संजय राउत की टिप्पणियों पर भाजपा नेता राम कदम की प्रतिक्रिया सामने आई है।
संजय राउत की टिप्पणियों को लेकर राम कदम ने कहा, “शिवसेना (यूबीटी) के नेता अगर संघ परिवार और संघ प्रमुख के बयान को लेकर कह रहे हैं कि दो अलग-अलग बातें हैं, तो संजय राउत और उद्धव ठाकरे ‘दोहरे रवैये’ के लिए जाने जाते हैं। इसी वजह से उनका दल और परिवार टूटा। उनको छोड़कर सभी लोग चले गए। संघ परिवार के लोगों का जीवन मां भारती और देश के लिए समर्पित है। राउत को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले स्वयं चिंतन करना चाहिए।”
जीडीपी ग्रोथ को लेकर संजय राउत की ओर से सवाल उठाए जाने पर राम कदम ने कहा, “उद्धव ठाकरे की पार्टी पूरी तरह से बिखर चुकी है। हम समझ सकते हैं कि इसके नेताओं का मानसिक संतुलन भी बिगड़ गया है। जब देश की तरक्की और विकास की बात आती है, तो उद्धव ठाकरे के नेताओं को तकलीफ क्यों होती है? वे चिढ़ क्यों रहे हैं? जब ग्लोबल जीडीपी ग्रोथ 3 प्रतिशत है, तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अनुमान लगाया था कि भारत की ग्रोथ 7 प्रतिशत होगी लेकिन हम उससे आगे बढ़कर 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं। हम किसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ग्रोथ की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि हम देश की ग्रोथ की बात कर रहे हैं। यह पीएम मोदी के नेतृत्व का परिणाम है।”
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ मामले को लेकर राम कदम ने कहा, “हल्द्वानी मामला कांग्रेस की ओर से ओछी राजनीति की ओर ले जाने की कोशिश है। घटना तो हुई ही नहीं लेकिन फिर भी वे दुष्प्रचार कर रहे हैं कि घटना घटी। उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान का मुद्दा उठाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। कांग्रेस का मानना है कि वे उसी कहानी को दोहराते रहेंगे। वे ऐसा कैसे कर सकते हैं? जब उन्होंने देखा कि कहीं कुछ नहीं हो रहा है, तो उन्होंने कर्नाटक में केस दर्ज कराया, जहां वे सरकार में हैं।”
पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर विपक्ष की ओर से मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाए जाने पर राम कदम ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्री अमित शाह ने देश से नक्सलवाद को समाप्त कर दिया। अब नक्सलवाद की विचारधारा के लोग बचे हुए हैं। क्या कांग्रेस दिमागी नक्सल वालों का साथ दे रही है, क्या उनके समर्थन में कांग्रेस के लोग खड़े हैं, क्या वे चाहते हैं कि इस तरह की विचारधारा देश में और पनपे? कांग्रेस आखिर चाहती क्या है।”
