द्वारका पुलिस की बड़ी कार्रवाई, काला जठेड़ी गैंग का शूटर गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। द्वारका जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) टीम ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए काला जठेड़ी-ओम प्रकाश गिरोह के एक सक्रिय सहयोगी को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी मनीष उर्फ मिशु (19 वर्ष), निवासी झरोड़ा कलां, दिल्ली है, जिसे द्वारका नाला रोड, मेट्रो पिलर नंबर पी-9, हरि विहार के पास से दबोचा गया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से दो सेमी-ऑटोमैटिक देशी पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, लेकिन समय रहते पुलिस ने उसे पकड़कर संभावित टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम कर दी।

दरअसल, द्वारका जिले के डीसीपी के निर्देश पर एएटीएस टीम को इलाके में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोहों और अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क पर शिकंजा कसने की विशेष जिम्मेदारी दी गई थी। टीम को खास तौर पर यह टास्क दिया गया था कि वह द्वारका और आसपास के इलाकों में अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़ी ठोस और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी जुटाए। इसी क्रम में लगातार निगरानी, मुखबिर तंत्र और तकनीकी इनपुट्स के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान हेड कांस्टेबल घनश्याम को पुख्ता सूचना मिली कि मनीष उर्फ मिशु, जो काला जठेड़ी–ओम प्रकाश उर्फ काला झरोड़िया गैंग से जुड़ा हुआ है, इलाके में अवैध हथियारों के साथ घूम रहा है और किसी टारगेट पर हमला करने की तैयारी में है।

सूचना मिलते ही एटीएस टीम ने बिना समय गंवाए रणनीति तैयार की और बताए गए स्थान पर जाल बिछाया। टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से दो अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद हथियारों की हालत और स्थिति से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि आरोपी किसी गंभीर अपराध को अंजाम देने की मंशा से ही घूम रहा था। इस संबंध में थाना द्वारका नॉर्थ में आर्म्स एक्ट से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया कि करीब 16-17 दिन पहले उसने तीन पिस्टल और लगभग दस जिंदा कारतूस खरीदे थे। इनमें से एक हथियार उसके एक साथी के पास है, जो रोहतक, हरियाणा का रहने वाला है और फिलहाल फरार है। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि ये हथियार मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में सक्रिय एक अंतरराज्यीय अवैध हथियार सप्लायर से मंगवाए गए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार हो चुका है। हाल ही में जनवरी 2026 में उसे एक अन्य मामले में पकड़ा गया था। जेल में रहने के दौरान ही उसने गैंग के सदस्यों से दोबारा संपर्क साधा और बाहर आने के बाद गैंग के लिए शूटर के तौर पर काम करने के लिए तैयार हो गया।

इंटेलिजेंस इनपुट्स से यह भी पता चलता है कि गैंग एक टारगेटेड किलिंग को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था, जिसे अब चल रहे ‘नो गन्स, नो गैंग्स’ अभियान के तहत समय पर सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया है। वहीं, सह-आरोपियों को पकड़ने और इंटरस्टेट गैर-कानूनी हथियारों की सप्लाई चेन को पूरी तरह से खत्म करने की कोशिशें चल रही हैं।