नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। ईस्ट दिल्ली के प्रीत विहार पुलिस स्टेशन की टीम ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो चोरों को पकड़ लिया और उनके कब्जे से एक चोरी की होंडा एक्टिवा स्कूटी और दो चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद किए।
इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के नेतृत्व में हेड कॉन्स्टेबल पुष्पेंद्र, राम सिंह, रवींद्र और कांस्टेबल चेतन की टीम ने 1 अप्रैल को चित्रा विहार रोड के पास गश्त के दौरान दो संदिग्ध युवकों को देखा। ये दोनों बिना नंबर प्लेट वाली स्कूटी पर सवार थे। जैसे ही उन्होंने पुलिस को देखा दोनों भागने लगे, लेकिन टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। स्कूटी की जांच में पता चला कि होंडा एक्टिवा (नीली) चोरी की गई है, जो पहले से दर्ज ई-एफआईआर में शामिल थी।
तलाशी में मोहिन उर्फ कट्टर के पास से एक सैमसंग गैलेक्सी ए54 और गुल्फाम उर्फ तब्बा के पास से सैमसंग एम31 बरामद हुई। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने यह स्कूटी लगभग तीन महीने पहले गीता कॉलोनी से चुराई थी और इसका इस्तेमाल मोबाइल चोरी के लिए कर रहे थे। उनका प्लान था कि कई चोरी के बाद स्कूटी बेच देंगे। दोनों को गिरफ्तार किया गया और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी है।
मोहिन 25 साल का और आराम पार्क, शास्त्री नगर का रहने वाला है, जबकि गुल्फाम 23 साल का और खुरेजी खास, शाहदरा का निवासी है। दोनों पहले भी कई मामलों में शामिल रहे हैं। गुल्फाम के नाम पर सात और मोहिन के नाम पर 10 केस दर्ज हैं, जिनमें चोरी, हथियारों का मामला और अन्य अपराध शामिल हैं।
वही, पूर्वी जिले में चोरी और झपटमारी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लगातार प्रयासों के तहत स्पेशल स्टाफ की टीम ने पूरी सटीकता और सतर्कता के साथ काम करते हुए एक सक्रिय अपराधी को धर दबोचा। जानकारी के अनुसार, 2 अप्रैल को एक विशेष सूचना पर टीम ने नोएडा लिंक रोड के पास अक्षरधाम फ्लाईओवर के नीचे एक जाल बिछाया और सक्रिय स्नैचर बबलू को पकड़ लिया। उसके कब्जे से 40,000 रुपये नकद बरामद हुए। मौके पर एक मोटरसाइकिल जब्त की गई और उसके इशारे पर एक और मोटरसाइकिल भी बरामद हुई। बरामद नकद राशि एफआईआर से जुड़ी हुई थी। बबलू को गिरफ्तार किया गया और पूछताछ जारी है।
बबलू (उम्र 40 साल) माडंगिरी, दिल्ली का रहने वाला है। वह अनपढ़ और दैनिक मजदूरी करता है। वह पहले भी चोरी और हथियार से जुड़े मामलों में शामिल रहा है। उसकी गिरफ्तारी से कई पुराने स्नैचिंग मामलों का खुलासा हुआ, जिससे पुलिस ने सक्रिय अपराधियों की पहचान कर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की।


