नई दिल्ली, 10 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कलानी इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड और निदेशक धर्मेश नरेंद्र संगानी से जुड़े मामले में तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में ईडी को विदेशों में अघोषित संपत्तियों, बैंक खातों और संदिग्ध क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं। फिलहाल जांच एजेंसी ने सभी चीजों को जब्त कर लिया है।
ईडी से जुड़े सूत्रों ने जानकारी दी कि कलानी इंपेक्स और उसके निदेशक धर्मेश नरेंद्र संगानी से जुड़ी जांच के सिलसिले में गुरुवार को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999 (फेमा) के प्रावधानों के तहत तलाशी की कार्रवाई की गई।
सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान पता चला कि जो पैसा भारत में आना चाहिए था, वह काफी समय बीतने के बाद भी भारत नहीं आया। कुछ विदेशी खरीदारों से मिलने वाली निर्यात आय प्राप्त नहीं हुई और इसके लिए अधिकृत डीलर बैंक से समय बढ़ाने की अनुमति भी नहीं ली गई। साथ ही, बकाया राशि की वसूली के लिए किसी प्रकार के दस्तावेजी प्रयास भी नहीं किए गए।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में निर्यात भुगतान उन तीसरे पक्ष की कंपनियों से प्राप्त हुआ, जिनका नाम एक्सपोर्ट इनवॉइस या शिपिंग बिल में खरीदार या प्राप्तकर्ता के रूप में दर्ज नहीं था।
तलाशी के दौरान विदेशों में अघोषित संपत्तियों और बैंक खातों से जुड़े अहम दस्तावेज भी मिले। जांच में पता चला कि धर्मेश सांगानी की एक अघोषित कनाडाई कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी है। इससे जुड़े विदेशी बैंक खाते और लेनदेन की जानकारी भी संबंधित अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक अघोषित कारोबारी इकाई का भी पता चला है।
कार्रवाई के दौरान बिना बताए विदेशी एसेट्स और विदेशी बैंक अकाउंट से जुड़े सबूत भी मिले। ईडी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि धर्मेश संगानी की एक ऐसी कनाडाई कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी पाई गई, जिसके बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। इससे जुड़े विदेशी बैंक खातों और लेनदेन की जानकारी भी संबंधित अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक अघोषित कारोबारी इकाई (बिजनेस एंटिटी) का भी पता चला है।
सूत्रों ने बताया कि अभी तक कनाडा, यूएसए और यूएई में स्थित कई अघोषित विदेशी बैंक खातों की पहचान की जा चुकी है।
यूएसए और यूके के कस्टम अधिकारी भी धर्मेश संगानी के कुछ लेनदेन की जांच कर रहे हैं। ईडी भी ऐसे लेनदेन में फेमा के उल्लंघन की जांच कर रहा है।

