स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का प्रतीक : ओडिशा सीएम मोहन चरण माझी

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गांधीनगर, 7 मई (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा किया। इस मौके पर, उन्होंने भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित करके गर्व और आशीर्वाद महसूस किया।

मुख्यमंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में बड़ी फोटो प्रदर्शनी गैलरी का दौरा किया। यहां सरदार साहेब की जीवन गाथाओं, मूर्ति के निर्माण कार्य और भारत के एकीकरण के लिए उनके ऐतिहासिक संघर्षों को आकर्षक तरीके से पेश किया गया है। जिसकी मुख्यमंत्री ने तारीफ की।

इस दौरे के दौरान, आरोग्य वन पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के चेयरमैन मुकेश पुरी ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आरोग्य वन में आदिवासी महिलाओं द्वारा बनाए गए खट्टे भिंडी के शरबत का स्वाद लिया। उसके बाद, उन्होंने मियावाकी वन, वामन वृक्ष वाटिका, लेजर शो और नर्मदा आरती में भाग लेकर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी समेत कई प्रोजेक्ट्स का दौरा करने के बाद तारीफ की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में बनी दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, पूरे देश के लिए गर्व का प्रतीक बन गई है। उन्होंने आगे कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रधानमंत्री के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के आह्वान का जीता-जागता उदाहरण है।

सीएम मोहन चरण माझी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के एक भारत के सपने को पूरा करने के लिए, देश भर के गांवों से लोहा इकट्ठा करके यह शानदार स्मारक बनाया गया है, जो राष्ट्रीय एकता का एक अनोखा प्रतीक है। मुख्यमंत्री बनने के बाद इस पवित्र जगह पर आने का मौका मिलना उनके लिए गर्व और खुशी की बात है।

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश की 565 रियासतों को एक करके एक भारत बनाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक विकसित भारत बनाने के लिए कई दिशाओं में कोशिश कर रहे हैं, जो हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। गुजरात के बड़े विकास मॉडल से प्रेरणा लेकर, वह अपने राज्य में भी विकास के नए आयाम स्थापित करने का संकल्प ले रहे हैं।

इस दौरान, मुख्यमंत्री के साथ गए प्रतिनिधिमंडल में उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन, मुख्य सचिव अनु गर्ग, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव शाश्वत मिश्रा, जल संसाधन सचिव शुभा शर्मा, पर्यटन सचिव बलवंत सिंह के साथ-साथ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शामिल थे।