तेहरान, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान ने अमेरिका पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए एक बार फिर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है। यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत होर्मुज स्ट्रेट बिना किसी शुल्क के खुला रहना चाहिए। इस पर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने ईसी उपाध्यक्ष पर जोरदार पलटवार किया है।
ईरानी नेता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर काजा कल्लास के पोस्ट को रिशेयर कर लिखा, “ओह, वो ‘अंतरराष्ट्रीय कानून, जिसे ईयू दूसरों को भाषण देने के लिए इस्तेमाल करता है, चुपचाप अमेरिका-इजरायल के बीच आक्रामक युद्ध को हरी झंडी दे देता है और ईरानियों पर हो रहे अत्याचारों को अनदेखा कर देता है।”
बाघेई ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई पर यूरोपीय संघ के बयान केवल उपदेश तक सीमित हैं, जबकि व्यवहार में यूरोप अपने ही सिद्धांतों पर अमल करने में बार-बार विफल रहा है।
उन्होंने कहा, “उपदेशों को रहने दें। यूरोप जो कहता है, उसे करने में लगातार नाकाम रहा है, जिससे उसकी अंतरराष्ट्रीय कानून की बातें चरम पाखंड बन गई हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून का कोई भी नियम ईरान को एक तटीय देश होने के नाते होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों को होने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने से नहीं रोकता है।”
वहीं होर्मुज स्ट्रेट से बिना शर्त ट्रांजिट को लेकर इस्माइल ने कहा, “और होर्मुज में बिना शर्त ट्रांजिट का रास्ता, यह बात उसी समय सच हो गई जब अमेरिका/इजरायली हमले ने अमेरिकी सैन्य एसेट्स को स्ट्रेट के पिछले हिस्से में ला दिया।”
काजा कल्लास ने कहा था, “अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत, होर्मुज स्ट्रेट जैसे पानी के रास्तों से ट्रांजिट खुला और फ्री रहना चाहिए। आज स्ट्रेट को फिर से खोलने की अपनी अपील में नेताओं ने यही बात साफ की। कोई भी पैसे देकर जाने वाली स्कीम दुनिया भर के समुद्री रास्तों के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करेगी। ईरान को ट्रांजिट फीस लगाने का कोई भी प्लान छोड़ना होगा।”
यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा था कि सीजफायर होने के बाद यूरोप ऊर्जा और व्यापार के बिना किसी रुकावट के फिर से शुरू करने में अपनी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा, “ईयू का एस्पाइड्स नेवल मिशन पहले से ही लाल सागर में काम कर रहा है और पूरे इलाके में शिपिंग की सुरक्षा के लिए इसे तेजी से मजबूत किया जा सकता है। यह मदद देने का सबसे तेज तरीका हो सकता है।”

