नंगल, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार गुरुवार को नंगल में आयोजित एक शोक सभा में पहुंचे। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ईवीएम, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), राजनीतिक गठबंधनों और मुसलमानों के कथित राजनीतिक इस्तेमाल समेत विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
पंजाब विधानसभा चुनावों में राजनीतिक गठबंधन से जुड़े सवाल पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि देश के नेता समझदार हैं और उन्हें पता है कि पंजाब में क्या करना है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तालमेल करेंगे। उन्होंने इसके लिए राजनीतिक दलों को शुभकामनाएं भी दीं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की ओर से गठबंधन की संभावनाओं और भाजपा को सत्ता में आने से रोकने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि कुछ राजनीतिक समूहों और कुछ राजनीतिक नेताओं की ओर से मुसलमानों को “ब्लैकमेल” करने की राजनीति की जाती रही है।
उन्होंने कहा कि मुसलमान भी अब धीरे-धीरे समझने लगा है कि उसके नाम पर उसका राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत का मुसलमान न विदेशी है और न पराया, बल्कि वह भारत का नागरिक है।
उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल धर्म के नाम पर लोगों का गलत इस्तेमाल करते हैं और हिंदू-मुसलमान के बीच दूरी या यह धारणा पैदा करते हैं कि दोनों साथ नहीं रह सकते, उन्हें लोकतंत्र तथा भारत की एकता और अखंडता के संदर्भ में गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
चुनाव आयोग और ईवीएम को लेकर उठ रहे सवालों पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि पहले चुनाव बैलेट पेपर के जरिए होते थे। इसमें समय अधिक लगता था और मतदान प्रतिशत को लेकर भी समस्याएं सामने आती थीं। उन्होंने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों में चुनाव प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ईवीएम का इस्तेमाल शुरू हुआ।
उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम अलग-अलग तरह के आते हैं। अलग-अलग राजनीतिक दल कहीं जीतते हैं तो कहीं हारते हैं। उन्होंने ईवीएम को लेकर सवाल उठाने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि आज ईवीएम को दोष देना “उन नेताओं का दिवालियापन है।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव व्यवस्था को लेकर राजनीतिक दलों को एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय मिलकर विचार करना चाहिए कि ऐसी चुनाव प्रणाली कैसे हो, जिससे भारत का लोकतंत्र सुरक्षित और मजबूत रहे।
इंद्रेश कुमार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर कहा कि उन पर हमले करना और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाना अपमानजनक है। उन्होंने सभी राजनीतिक नेताओं और दलों से लोकतंत्र का इस्तेमाल अपने-अपने तरीके से इस तरह नहीं करने की अपील की, जिससे उसकी गरिमा को नुकसान पहुंचे।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और नेताओं को एक-दूसरे का अपमान करने के बजाय सम्मान के साथ अपनी बात रखनी चाहिए और लोकतंत्र का सम्मान बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि यूसीसी हर धर्म की हिफाजत करने और हर धर्म का सम्मान करने वाला कानून है।
उन्होंने कहा कि उनके अनुसार यूसीसी किसी एक धर्म के लिए नहीं है, बल्कि अलग-अलग धर्मों और उनके उप-पंथों के बीच समानता, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की व्यवस्था है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब दो धर्मों या उनके उप-पंथों के बीच तनाव पैदा होता है, जैसे शिया और सुन्नी के बीच, या सनातन अथवा किसी अन्य धर्म के भीतर मतभेद होते हैं, तो दोनों पक्षों के सम्मान की सुरक्षा और आपसी समन्वय की भावना को यूसीसी से जोड़कर देखा जा सकता है।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि सभी धर्मों के लोग अपने-अपने धर्म का पालन करें, दूसरे धर्म का सम्मान करें और एक-दूसरे के धार्मिक कार्यक्रमों में भी सम्मानपूर्वक शामिल हों। उन्होंने इसी भावना को यूसीसी के संदर्भ में रखा।
