SGSU Advertisement
Home राजनीति फॉर्म-6 विवाद पर ‘आप’ का चुनाव आयोग पर निशाना, मनीष सिसोदिया बोले-...

फॉर्म-6 विवाद पर ‘आप’ का चुनाव आयोग पर निशाना, मनीष सिसोदिया बोले- सुप्रीम कोर्ट में पकड़ा गया ज्ञानेश कुमार का झूठ

0
4

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। फॉर्म-6 में किए गए बदलाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का कथित झूठ सामने आ गया है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म-6 में बदलाव करने की कोई अनुमति उसकी ओर से नहीं दी गई थी।

सिसोदिया के मुताबिक, इससे सवाल उठता है कि चुनाव आयोग ने आखिर किस आधार पर फॉर्म-6 में बदलाव किए।

मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म-6 में अपनी मर्जी से बदलाव किए और इस संबंध में न तो सुप्रीम कोर्ट की अनुमति ली गई और न ही दोनों चुनाव आयुक्तों की सहमति ली गई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रेस रिलीज में यह दावा किया गया था कि फॉर्म-6 में बदलाव सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद किए गए हैं, लेकिन अब अदालत की टिप्पणी से इस दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं।

सिसोदिया ने कहा कि देश में नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलाव बेहद गंभीर मामला है। उनके अनुसार, यदि इन बदलावों के कारण आम नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाना मुश्किल होता है, तो यह सीधे तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन बदलावों के जरिए लोगों के वोट के अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर देश की युवा पीढ़ी और जेन-जी सड़कों पर उतर रही है, उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

सिसोदिया ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यदि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर स्थिति है।

वहीं, ‘आप’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने 26 सितंबर 2026 को जारी अपने प्रेस नोट में फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जोड़कर पेश किया था।

भारद्वाज के मुताबिक, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने ऐसा कोई आदेश देने से इनकार किया। सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि क्या चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के नाम का इस्तेमाल कर ऐसा दावा कर सकता है, जिसे अदालत ने स्वयं स्वीकार नहीं किया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि अदालत के नाम पर गलत जानकारी दी गई है तो यह बेहद गंभीर मामला है और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई होनी चाहिए। भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि फॉर्म-6 में किए गए बदलावों से बड़ी संख्या में ऐसे नागरिक प्रभावित हो सकते हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और जो दोबारा अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष इस बयान में शामिल नहीं है।

“आप” नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है। भारद्वाज ने यह भी कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते हैं तो 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा।

सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि सोमवार की सुनवाई में फॉर्म-6 में बदलाव के मामले पर चुनाव आयोग की स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला चलाने की मांग दोहराई।

फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर सामने आए आरोपों और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के बाद चुनाव आयोग की भूमिका पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब इस मामले में चुनाव आयोग की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का आधिकारिक रिकॉर्ड महत्वपूर्ण माना जा रहा है।