Tuesday, August 11, 2026
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‘फंक्शन में जाना गलत नहीं’, पीएम मोदी-अमित शाह से शरद पवार की मुलाकात पर सपकाल

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मुंबई, 11 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई मुलाकात, झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन, कांग्रेस की कोर कमेटी की बैठक और सुप्रीम कोर्ट में चल रही शिवसेना से जुड़ी सुनवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शरद पवार के एनडीए में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि केवल किसी कार्यक्रम या समारोह में मुलाकात के आधार पर राजनीतिक निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। वहीं, शिवसेना मामले में उन्होंने न्यायालय से जल्द फैसला सुनाए जाने की उम्मीद जताई।

शरद पवार की प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ मुलाकात के बाद एनडीए के साथ जाने की अटकलों पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि किसी शादी या समारोह में जाना अपने आप में कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी के कार्यक्रम में शामिल होना हमारी सामाजिक गरिमा का हिस्सा है और केवल इस आधार पर राजनीतिक टिप्पणी करना या किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। शरद पवार इन तमाम सवालों का पहले भी कई बार जवाब दे चुके हैं और उनके बयानों पर विश्वास किया जाना चाहिए।

महाराष्ट्र कांग्रेस की कोर कमेटी की बैठक को लेकर भी हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि बैठक में पिछले समय के राजनीतिक घटनाक्रम और पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि बैठक में आगे के कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हुई और आने वाले समय में पार्टी द्वारा किए जाने वाले कार्यक्रम तय किए गए हैं।

झारखंड में हुए विरोध-प्रदर्शन को लेकर भाजपा के कांग्रेस पर हमलावर होने के बीच हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा जिस तरह बल का प्रयोग किया गया, उसकी राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में निंदा की है। कांग्रेस इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और आने वाले समय में प्रदर्शन से जुड़े लोगों के साथ संवाद भी स्थापित किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना से जुड़े मामले की सुनवाई पर हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में जल्द से जल्द फैसला आएगा। उन्होंने कहा कि मामले में क्या सही है और क्या गलत, इसके बारे में जनता काफी कुछ जानती है। न्यायालय को अपना फैसला कानून और संवैधानिक व्यवस्था के आधार पर देना चाहिए। फैसला किसी के पक्ष में जाए या विपक्ष में, न्यायिक व्यवस्था के फैसले पर राजनीतिक टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।

न्याय में देरी को लेकर चिंता जताते हुए सपकाल ने कहा कि पिछले कुछ समय में कई घटनाएं हुई हैं, जिसके चलते न्याय व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों की उम्मीद न्यायपालिका और संसद दोनों से जुड़ी होती है। ऐसे में लोगों का भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है।

जब हर्षवर्धन सपकाल से पूछा गया कि क्या उन्हें उम्मीद है कि शिवसेना का चुनाव चिह्न उद्धव ठाकरे के पास वापस जा सकता है, तो उन्होंने कहा कि इसे केवल उम्मीद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। सपकाल ने कहा कि यह सच्चाई की बात है और सच्चाई पर मुहर लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवसेना से जुड़े विवाद में जो तथ्य हैं, उन्हें सामने आना चाहिए और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए उस पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।