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गंडक के तटबंध क्षतिग्रस्त होने से गोपालगंज में बाढ़ का खतरा बढ़ा, सीएम सम्राट ने किया चंपारण का हवाई सर्वे

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गोपालगंज, 30 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर प्रखंड के शीतलपुर में गंडक नदी का तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है। तटबंध टूटने के बाद निचले इलाकों में तेजी से पानी फैलने लगा है, जिससे आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हैं। तटबंध टूटने से शीतलपुर के अलावा फैजुलाहपुर, खोमहारीपुर, सलेमपुर, नरवार, बहरामपुर, गंभारी के आधे हिस्से, बैकुंठपुर, चिउताहा और बनौरा गांवों में पानी फैलने की आशंका बढ़ गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की जा रही है।

गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। जल संसाधन विभाग की टीम तटबंध के टूटे हिस्से और पानी के फैलाव की स्थिति का आकलन कर रही है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार राहत-बचाव दलों को सक्रिय किया जा रहा है। बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का विधानसभा क्षेत्र भी है।

इससे पहले मंत्री ने गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच बैकुंठपुर के संवेदनशील इलाकों और तटबंधों का निरीक्षण कर अधिकारियों को राहत एवं बचाव के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए थे।

इधर, गंडक नदी में बढ़ते जलप्रवाह के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चंपारण के बाढ़ प्रभावित और संभावित प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन को राहत, बचाव और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क एवं तत्पर रहने के निर्देश दिए। गंडक में हालिया भारी जलप्रवाह के कारण पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा है।

जल संसाधन विभाग के बुधवार के आंकड़ों के अनुसार सुबह 8 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 1,31,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जो 9 बजे घटकर 1,29,000 क्यूसेक हो गया और 10 तथा 11 बजे भी 1,29,000 क्यूसेक रहा। विभाग ने बराज के डिस्चार्ज का रुख स्थिर बताया है।

वहीं, सोन बराज इंद्रपुरी का डिस्चार्ज लगातार घटने के कारण उसका रुख ‘फॉलिंग’ दर्ज किया गया है। गंडक के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। आने वाले घंटों में पानी के फैलाव पर नजर रखते हुए राहत और बचाव कार्यों को और तेज किए जाने की तैयारी है।

–आईएएनएस एमएनपी