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Home राष्ट्रीय गांधीवादी तरीके से होगा सत्ता परिवर्तन, हर घर बनेगा जंतर-मंतर: प्रकाश राज

गांधीवादी तरीके से होगा सत्ता परिवर्तन, हर घर बनेगा जंतर-मंतर: प्रकाश राज

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नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेता प्रकाश राज ने सीजेपी प्रमुख की 16 अक्टूबर को समर्थकों से की गई अपील, सौरभ दास और आशुतोष रंका की हिरासत और सत्ता परिवर्तन को लेकर जारी बहस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन गांधीजी के रास्ते पर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और सवाल उठाया कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना अपराध है।

सीजेपी प्रमुख की समर्थकों से तिरंगा लेकर सामने आने की अपील पर प्रकाश राज ने कहा कि यदि लोगों को राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रदर्शन करने के कारण गिरफ्तार किया जा रहा है, तो देश के नागरिकों को इस पर सवाल पूछना चाहिए। उन्होंने आशुतोष रंका का जिक्र करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर जाने वाले व्यक्ति को पांच दिन की हिरासत में भेजे जाने और हिरासत से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। राज ने पूछा कि क्या प्रदर्शन करने वाले लोग आतंकवादी हैं? उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन है और इसमें शामिल लोग देश के नागरिक हैं। यदि तिरंगा हाथ में रखना ही अपराध माना जा रहा है, तो लोगों को इसका जवाब देना चाहिए।

उन्होंने देश के लोगों से अपील की कि वे जहां भी हैं, वहीं से तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। यदि दो लोगों को तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने के कारण गिरफ्तार किया गया है, तो सवाल उठता है कि ऐसा करने वाले कितने लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।

नेहा वोहरा और प्रशांत भूषण की सत्ता परिवर्तन से जुड़ी टिप्पणियों और बांग्लादेश-नेपाल के उदाहरणों पर प्रकाश राज ने कहा कि सत्ता परिवर्तन होना चाहिए, लेकिन भारत में यह शांतिपूर्ण तरीके से होगा। देश में सत्ता परिवर्तन गांधीजी के रास्ते पर होना चाहिए। युवाओं की भूमिका और सत्ता परिवर्तन को लेकर कही गई बातों को हिंसा से जोड़कर पेश नहीं किया जाना चाहिए। भारत के युवा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के जरिए अपनी बात रखेंगे। सत्ता परिवर्तन की बात को हिंसा से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से राजनीतिक बदलाव की वकालत की।

ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से कार्रवाई किए जाने के आरोपों पर प्रकाश राज ने कहा कि उनका सवाल निर्वाचन आयोग से जुड़ा है। उन्होंने पूछा कि सरकार ज्ञानेश कुमार को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रही है। राज ने कहा कि यदि आरोप गलत हैं, तो संबंधित लोगों को सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए और सबूतों के साथ जवाब देना चाहिए। सवाल पूछने वालों को रोकने की कोशिश की जा रही है। यदि सरकार का इस मामले से कोई संबंध नहीं है, तो उसे खुलकर यह बात कहनी चाहिए। प्रकाश राज ने यह भी सवाल किया कि आखिर इन आवाजों को दबाने के लिए इतनी ताकत का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है।

सशस्त्र बलों और पुलिस से जुड़ी ध्रुव राठी की अपील पर प्रकाश राज ने कहा कि ये भी देश के नागरिक हैं, किसी सरकार या राजनीतिक दल के नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे लोग हमेशा सत्ता में नहीं रहेंगे और एक दिन उनसे भी सवाल पूछे जाएंगे।

सौरभ दास और आशुतोष रंका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद आगे के प्रदर्शनों की रणनीति पर प्रकाश राज ने कहा कि उनकी कोई अलग रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा कि वे सवाल पूछते रहेंगे और सरकार उन्हें दबाने की कोशिश करती रहेगी, लेकिन पूरे देश की आवाज को दबाना संभव नहीं है। आगे प्रदर्शन होने की संभावना पर उन्होंने कहा कि पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा। हर घर जंतर-मंतर बनेगा।