मुंबई, 13 सितंबर (आईएएनएस)। गणेशोत्सव के दौरान मुंबई और आसपास के इलाकों से कोंकण स्थित अपने गृहनगर जाने वाले लोगों की सुविधा के लिए विशेष मुफ्त ट्रेन सेवा शुरू की गई है। महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने इस पहल को कोंकणवासियों की सेवा का हिस्सा बताया।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि इस बार ‘मोदी एक्सप्रेस’ के नाम से ट्रेन सेवा उपलब्ध कराई जा रही है और यह इस पहल की दूसरी ट्रेन है। पहली ट्रेन 11 तारीख को रवाना की गई थी।
नितेश राणे ने कहा कि पिछले 14 वर्षों से कोंकण के लोगों की सेवा के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले 100 बसों की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन अब लोगों को उनके गांवों तक पहुंचाने के लिए ट्रेन सेवा भी शुरू की गई है। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग गणेशोत्सव के लिए अपने गांव लौटते हैं और इसी जरूरत को देखते हुए यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
राणे ने कहा कि महायुति सरकार के गठन में कोंकण के लोगों का महत्वपूर्ण समर्थन रहा है। ऐसे में उनकी सुविधा और सेवा करना सरकार के लिए कर्तव्य समान है।
मंत्री ने दिशा सालियन मामले से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश के तहत दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन का बयान दर्ज किया जाना है और इसके बाद एफआईआर दर्ज किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
राणे ने कहा कि उनके पिता ने उपलब्ध सबूतों के आधार पर पुलिस के समक्ष अपना बयान दिया है। अब पुलिस हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार सीबीआई के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई करेगी।
धर्मांतरण विरोधी कानून को लेकर पूछे गए सवाल पर राणे ने कहा कि जो लोग ऐसे कानून का विरोध करते हैं, वे उनके अनुसार ‘जिहाद का समर्थन’ करने वाले लोग हैं। वहीं, उन्होंने कानून का समर्थन करने वालों को धार्मिक स्वतंत्रता का समर्थक बताया। उनके इस बयान से राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर राणे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों के नेताओं का एक मंच पर आना भारत के लिए गर्व का विषय है।
राणे ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत एक ऐसी महाशक्ति के रूप में उभरा है, जिसके साथ दुनिया के देश जुड़ना और सहयोग करना चाहते हैं। उन्होंने कांग्रेस शासन की तुलना करते हुए कहा कि उस दौर में भारत को वैश्विक स्तर पर अलग नजरिए से देखा जाता था, जबकि आज देश की स्थिति काफी मजबूत हुई है।
