नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में देश के कई हिस्सों में लगातार तापमान बढ़ता जा रहा है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी, थकान और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। इन समस्याओं को मात देने में घरेलू और स्वादिष्ट पेय शिकंजी बेहद कारगर है।
आसानी से बनने वाली शिकंजी न सिर्फ तुरंत ताजगी और ठंडक देती है, बल्कि बेहतर पाचन, एनर्जी और कई स्वास्थ्य लाभ भी देती है। शिकंजी नींबू, पानी, काला नमक, जीरा पाउडर और थोड़ी चीनी से बनाई जाती है। कई लोग इसमें अदरक और पुदीने की पत्तियां भी मिलाते हैं। यह पेय उत्तर भारत में गर्मियों का सबसे लोकप्रिय पेय माना जाता है। सड़कों पर मिट्टी के बर्तनों में रखी ठंडी शिकंजी देखना आम है।
शिकंजी घर पर बनाना भी आसान है। इसके लिए एक जग में दो गिलास ठंडा पानी लें। इसमें एक-दो नींबू निचोड़ें। स्वादानुसार काला नमक, जीरा पाउडर और थोड़ी चीनी मिलाएं। अगर चाहें तो बारीक कटी पुदीने की पत्तियां और अदरक का रस भी डाल सकते हैं। अच्छी तरह मिलाकर सर्व करें। बिना चीनी के भी शिकंजी बनाई जा सकती है। शिकंजी के सेवन से कई लाभ मिलते हैं।
त्वचा और जोड़ों के लिए फायदेमंद: – गर्मियों में शिकंजी के नियमित सेवन से त्वचा की रंगत निखरती है और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।
बेहतर पाचन: – नींबू में मौजूद विटामिन सी और फाइबर पाचन क्रिया को मजबूत बनाते हैं। जीरा और अदरक पेट की गैस, एसिडिटी और भारीपन दूर करने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।
तुरंत एनर्जी: – गर्मी में शरीर थक जाता है। शिकंजी शरीर को हाइड्रेट रखती है और खनिजों की कमी पूरी करती है। इससे थकान कम होती है और एनर्जी बढ़ती है।
इम्युनिटी बढ़ाए :- नींबू विटामिन सी से भरपूर होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है। गर्मियों में संक्रमण से बचाव में यह बहुत उपयोगी है।
शरीर को ठंडक:- शिकंजी गर्मी में शरीर का तापमान संतुलित रखती है और पसीने से होने वाली खनिजों की कमी को पूरा करती है।
वजन घटाने में मददगार :- शिकंजी शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने में मदद करती है। नींबू में पेक्टिन फाइबर भूख नियंत्रित करता है। जीरा और अदरक मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं, जिससे वजन नियंत्रण में आसानी होती है।
गर्मी के मौसम में शिकंजी को अपनी रोजाना की दिनचर्या में शामिल करें। यह न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। आयुर्वेदाचार्य के अनुसार, घर पर बनी ताजी शिकंजी पैकेट वाले पेयों से कहीं बेहतर विकल्प है।

