नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मी के मौसम में तेज धूप, पसीना, धूल और प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर सिर की त्वचा और बालों पर पड़ता है। कई लोगों को इस मौसम में बाल चिपचिपे लगने लगते हैं, जबकि कुछ लोगों के बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं। ऐसे में लोग अक्सर सोचते हैं कि क्या गर्मियों में रोज शैंपू करना चाहिए या नहीं। कुछ लोग हर दिन बाल धोते हैं ताकि सिर साफ रहे, जबकि कुछ लोग ज्यादा शैंपू करने से बचते हैं क्योंकि उन्हें डर होता है कि इससे बाल कमजोर हो सकते हैं। बालों की देखभाल को लेकर यह उलझन बहुत आम है।
हमारे सिर की त्वचा प्राकृतिक रूप से तेल बनाती है, जिसे सीबम कहा जाता है। यह तेल बालों को सूखने से बचाता है और उन्हें प्राकृतिक चमक देता है। लेकिन, गर्मियों में ज्यादा पसीना आने की वजह से यह धूल और गंदगी के साथ मिलकर सिर में चिपचिपाहट पैदा कर सकता है। अगर लंबे समय तक सिर साफ न किया जाए तो इससे खुजली, डैंड्रफ और बाल झड़ने जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं कि रोजाना शैंपू करना जरूरी है।
बार-बार शैंपू करने से सिर की त्वचा का प्राकृतिक तेल कम हो सकता है, जिससे बाल कमजोर और रूखे बनने लगते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि बाल धोने की संख्या हर व्यक्ति के बालों की प्रकृति पर निर्भर करती है। जिन लोगों के बाल बहुत तैलीय होते हैं, उन्हें हफ्ते में लगभग तीन बार बाल साफ करने की जरूरत पड़ सकती है। जिन लोगों के बाल सूखे या घुंघराले होते हैं, उनके लिए हफ्ते में एक या दो बार शैंपू करना काफी माना जाता है।
घुंघराले बालों में प्राकृतिक तेल जल्दी नीचे तक नहीं पहुंच पाता, इसलिए ऐसे बाल जल्दी सूख जाते हैं। दूसरी तरफ पतले और सीधे बाल जल्दी ऑयली दिखने लगते हैं। इसलिए हर किसी के लिए एक जैसा नियम सही नहीं माना जाता।
बाल धोने का तरीका भी जानना जरूरी है। विशेषज्ञ कहते हैं कि बहुत गर्म पानी से बाल धोना नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि इससे बालों की नमी खत्म होने लगती है। हल्के गुनगुने पानी से सिर साफ करना बेहतर माना जाता है। शैंपू को सीधे पूरे बालों पर लगाने के बजाय पहले हाथों में लेकर हल्का झाग बनाना चाहिए, फिर उसे सिर की त्वचा पर धीरे-धीरे लगाना चाहिए।
शैंपू के बाद कंडीशनर का इस्तेमाल भी बालों के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह बालों की ऊपरी परत को मुलायम बनाता है और टूटने से बचाने में मदद करता है।

