नोएडा, 1 जुलाई (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा सुचारु बनाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त कार्यालय ने छह पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार, विभिन्न इकाइयों में तैनात एडीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
माना जा रहा है कि यह फेरबदल कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक कार्यों को अधिक बेहतर ढंग से संचालित करने की रणनीति का हिस्सा है। जारी आदेश के अनुसार, राजेंद्र कुमार गौतम (पीपीएस), जो वर्तमान में प्रभारी पुलिस उपायुक्त लाइन्स, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध, आंकिक एवं मॉनिटरिंग सेल का कार्य देख रहे हैं, उन्हें अपने मौजूदा दायित्वों के साथ-साथ अग्रिम आदेशों तक सहायक पुलिस आयुक्त (आंकिक) के कार्यों का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इससे अब उनके पास अपराध, मॉनिटरिंग और आंकिक शाखा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां एक साथ होंगी।
इसी क्रम में राजीव कुमार सिसौदिया (पीपीएस), जो अब तक पुलिस आयुक्त के स्टाफ ऑफिसर के रूप में कार्यरत थे, उनका स्थानांतरण सहायक पुलिस आयुक्त चतुर्थ, ग्रेटर नोएडा के पद पर किया गया है। वहीं, डॉ. रवि शंकर (पीपीएस), जो सहायक पुलिस आयुक्त यातायात नोएडा एवं सेंट्रल नोएडा के पद पर तैनात थे, उन्हें अब सहायक पुलिस आयुक्त तृतीय, ग्रेटर नोएडा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके स्थान पर पवन कुमार (पीपीएस) को नियुक्त किया गया है। पवन कुमार अब तक सहायक पुलिस आयुक्त यातायात ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ मुख्यालय एवं आंकिक शाखा का दायित्व संभाल रहे थे।
नई तैनाती के बाद वे नोएडा और सेंट्रल नोएडा के यातायात की कमान संभालेंगे। इसके अलावा, मयंक तिवारी (पीपीएस) को सहायक पुलिस आयुक्त द्वितीय, नोएडा बनाया गया है। वहीं, शकील मोहम्मद (पीपीएस), जो वर्तमान में पुलिस लाइंस में सहायक पुलिस आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें अपने मौजूदा दायित्वों के साथ-साथ सहायक पुलिस आयुक्त यातायात ग्रेटर नोएडा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
पुलिस कमिश्नरेट द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को आगामी समय में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा विभिन्न शाखाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुभव और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, पुलिस प्रशासन और मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

