काठमांडू, 3 सितंबर (आईएएनएस)। नेपाल फ्लैश फ्लड के बाद की स्थिति बेहद दर्दनाक बनी हुई है। दुनिया के तमाम देश और संगठन अपनी तरह से हरसंभव मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्लोबल सिख्स भी ऐसे ही संगठनों में से एक है। इस संगठन का हिस्सा कोवेंट्री सिटी के काउंसलर और ब्रिटिश सेना के पूर्व सैनिक जॉन मार्क्स लैप्सा भी हैं। आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने परेशानियों, समुदाय की कोशिशों और अपने होने का मतलब समझाया।
किस तरह आपदा ग्रस्त लोगों की मदद की जा रही है इस पर लैप्सा ने बात की। उन्होंने कहा , “मैं नेपाल मदद करने आया हूं। ‘ग्लोबल सिख्स’ से संपर्क किया क्योंकि उन्हें इस काम का बहुत अनुभव है। मुझे लगता है कि उन्हें लगभग 15 साल का अनुभव है। इसलिए, मैं अभी ‘ग्लोबल सिख्स’ की तरफ से काम कर रहा हूं। उनकी चार टीमें वहां काम कर रही हैं। एक टीम खोज और बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) का काम कर रही है, और एक टीम स्थिति का आकलन (असेसमेंट) कर रही है। एक और टीम प्रभावित इलाकों में लंगर और रहने की जगह (शेल्टर) मुहैया करा रही है। और एक टीम यहां भी है, जहां हम एक स्थानीय समूह के साथ मिलकर बेघर हुए लोगों के लिए एक कैंप लगा रहे हैं। हम यहां आए तो शेल्टर एकदम खाली था, लेकिन अब ये पूरी तरह भर गया है। मुझे पता चला हरेक शख्स का कोई न कोई पारिवारिक सदस्य लापता है हम उन्हें खाना खिलाने, काम में तालमेल बिठाने और रहने की जगह देने में मदद करेंगे। “
उन्होंने अगले तीन चार दिनों की अपनी योजना का जिक्र करते हुए कहा, “अगले कुछ दिनों में, एक टीम बाढ़ पीड़ित इलाकों में से एक के लिए रवाना हो रही है क्योंकि दुर्भाग्य से, एक भारतीय नागरिक लापता हो गया है। इसलिए ‘ग्लोबल सिख्स’ ने इंतजाम किया है। उन्होंने एक हेलीकॉप्टर किराए पर लिया है। दुर्भाग्य से, मैं खुद जाने वाला था, लेकिन उन्होंने कहा कि मैं नहीं जा सकता क्योंकि मेरे पास ब्रिटिश पासपोर्ट है। हम कुछ और इलाकों में और जानकारी लेने, शेल्टर, टेंट, खाना और साफ पानी पहुंचाने के लिए भी जा रहे हैं।”
जॉन ने बताया कि उन्हें ग्लोबल सिख्स का सेटअप बहुत पसंद है। उन्होंने कहा, ” ‘ग्लोबल सिख्स’ के पास विशेषज्ञता है। मेरा सेना का बैकग्राउंड लॉजिस्टिक्स और समस्याओं को सुलझाने में मदद करता है। ‘ग्लोबल सिख्स’ के पास बहुत ज्यादा जानकारी है। उनके पास बहुत कुछ है वे 15 साल से यह काम कर रहे हैं, और उनके पास बहुत ज्यादा जानकारी है। मैं पिछले कुछ दिनों से ही उनके साथ हूं, और मैंने देखा है कि उनका सेटअप बहुत बढ़िया है। यह बहुत प्रोफेशनल है। उनके पास सब कुछ है, वे तैयार हैं, और उनकी टीमें वहां काम कर रही हैं।”
नेपाल आपदा के 9 दिन हो गए हैं। देश की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (गुरुवार को दोपहर 12 बजे तक) के अनुसार मरने वालों की तादाद बढ़ कर 1252 हो गई है।
