गोवा : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की महत्वपूर्ण कार्रवाई, मोहम्मद सुहैल और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

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पणजी (गोवा), 12 फरवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पणजी जोनल ऑफिस ने गोवा में एक बड़े भूमि हड़पने और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। ईडी ने 20 नवंबर 2025 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत मोहम्मद सुहैल और अन्य के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (आरोप पत्र) दाखिल किया। प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज, नॉर्थ गोवा, पणजी ने 2 जनवरी 2026 को इस मामले में संज्ञान लिया और मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध को मान्यता दी।

ईडी की जांच गोवा पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) द्वारा 9 जनवरी 2024 को दाखिल चार्जशीट नंबर 01/2024 पर आधारित है। यह चार्जशीट क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन, गोवा में 23 जुलाई 2022 को दर्ज एफआईआर नंबर 64/2022 से निकली है। जांच में मोहम्मद सुहैल को एक आदतन अपराधी बताया गया है, जो जमीन हड़पने के कई मामलों में शामिल रहा है।

आरोप है कि मोहम्मद सुहैल ने अंजुना, बर्देज, गोवा में शिकायतकर्ता के माता-पिता की जमीन का टाइटल धोखे से हड़पने के लिए आपराधिक साजिश रची। इस साजिश में ‘माल्विन जी. लोबो’ नाम का एक नकली व्यक्ति बनाया गया। इसके लिए नकली जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया गया और असली मालिकों के नकली मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए। इन जाली दस्तावेजों से झूठी सक्सेशन डीड तैयार की गई और फिर नकली पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर संपत्ति को मोहम्मद सुहैल के एक साथी के नाम पर ट्रांसफर किया गया।

बाद में 29 सितंबर 2010 की सेल डीड से संपत्ति मोहम्मद सुहैल की पत्नी के नाम पर कर दी गई और फिर 15 अप्रैल 2011 को शेख सलीम नामक व्यक्ति को बेच दी गई। जांच में पाया गया कि अपराध की कमाई को वैध दिखाने के लिए प्रॉपर्टी की रजिस्टर्ड कीमत बहुत कम बताई गई और असल में ज्यादा कैश ट्रांजेक्शन किए गए।

ईडी ने मोहम्मद सुहैल को 22 सितंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। 14 दिनों की ईडी कस्टडी पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वह अभी भी जेल में है। ईडी ने मोहम्मद सुहैल और उनकी पत्नी अंजुम शेख के खिलाफ स्पेशल पीएमएलए कोर्ट, मर्सेस, गोवा में आरोप पत्र दाखिल किया।

2 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई में कोर्ट ने अपराध का संज्ञान लिया। मोहम्मद सुहैल को सेंट्रल जेल, कोलवले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया, जबकि आरोपी नंबर 2 का प्रतिनिधित्व उनके वकील ने किया।