गोपालगंज, 31 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के गोपालगंज में पुलिस ने चर्चित कृष्णा सिंह हत्याकांड में बड़ा खुलासा किया है। गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के हथुआ-कुसौधी मुख्य मार्ग पर बीते 23 मार्च को कृष्णा सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब पुलिस ने इस मामले में अहम सफलता हासिल की है।
इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के उद्भेदन के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हथुआ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था। एसआईटी टीम ने इस मामले की गहन जांच करते हुए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मानवीय स्रोतों का सहारा लिया।
एसआईटी टीम की ओर से लगातार जांच और विश्लेषण के बाद जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि कृष्णा सिंह की हत्या एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत की गई थी। इस साजिश के लिए करीब 20 करोड़ रुपए की सुपारी तय की गई थी।
साजिश रचने वालों ने आपस में संपर्क स्थापित कर शूटरों की व्यवस्था की और उनके द्वारा घटना से पहले इलाके की रेकी भी की गई थी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में शमशाद अली, सुनील सिंह, मुकेश कुमार शर्मा, जो कि इस वारदात का मुख्य शूटर बताया जा रहा है, साथ ही जयप्रकाश राम और अजीत कुमार गुप्ता भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके साथ ही तकनीकी जांच के दौरान एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की भी पहचान की गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस पूरे आपराधिक गिरोह का पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया जाएगा।


