नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ओम प्रकाश नायक को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 16 लाख रुपए का जीएसटी रिफंड जारी करवाने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
आरोपी केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी), बालासोर, ओडिशा में अधीक्षक के पद पर तैनात था।
सीबीआई द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था आरोपी अधीक्षक और सीजीएसटी, बालासोर के सहायक आयुक्त ने शिकायतकर्ता की कंपनी का लगभग 16 लाख रुपए का जीएसटी रिफंड जारी करवाने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की प्रारंभिक जांच की और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया।
जांच एजेंसी ने इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। सीबीआई टीम ने शिकायतकर्ता के सहयोग से पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया और आरोपी अधीक्षक ओम प्रकाश नायक को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, मामले में अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत मांगने और रिफंड प्रक्रिया में देरी करने के पीछे कोई बड़ा भ्रष्टाचार नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ अन्य अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
इससे पहले, गुरुवार को सीबीआई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीजीएसटी मेरठ के एक अधीक्षक और उसके कार्यालय में कार्यरत एक कंप्यूटर ऑपरेटर को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय मीणा, अधीक्षक, सीजीएसटी कार्यालय रेंज-I, मेरठ और यश शर्मा, कंप्यूटर ऑपरेटर, के रूप में हुई है।

