अहमदाबाद/बटाला, 25 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने पंजाब के बटाला में दर्ज एक फायरिंग मामले में वांछित आरोपी सुखविंदर सिंह उर्फ सुखी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके संबंध कुख्यात जग्गू भगवानपुरिया गैंग से बताए जा रहे हैं।
गुजरात एटीएस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक के सिद्धार्थ को सूचना मिली थी कि पंजाब के गुरदासपुर जिले के गांव लोह छाप निवासी सुखविंद सिंह उर्फ सुखी गुजरात के पालनपुर क्षेत्र में मौजूद है। वह बटाला जिले के सेखवां थाना में दर्ज एफआईआर में वांछित था। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109, 324(4), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 और 27 के तहत मामला दर्ज है।
सूचना मिलने के बाद गुजरात एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस हर्ष उपाध्याय, पुलिस इंस्पेक्टर डीबी प्रजापति, पुलिस वायरलेस इंस्पेक्टर एमपी झाला, पुलिस सब-इंस्पेक्टर एमएम गढ़वी समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।
खुफिया जानकारी के आधार पर 22 अगस्त की शाम पालनपुर स्थित होटल सुंधा में छापेमारी की गई, जहां से सुखविंदर सिंह को हिरासत में लिया गया। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए अहमदाबाद स्थित गुजरात एटीएस कार्यालय लाया गया।
एटीएस की पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह 20 जुलाई को अपने साथियों साहिबदीप सिंह, गगनदीप सिंह और विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की के साथ शिकायतकर्ता महकदीप सिंह के शेलर (अनाज मिल) के पास हुई फायरिंग की घटना में शामिल था।
जांच एजेंसी के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी अपने साथी विक्रमजीत सिंह के साथ कादियां तहसील के गांव ठिकरीवाल स्थित अपनी बुआ हरमीत कौर के घर गया था। वहां उसने अपनी लाइसेंसी .30-06 राइफल अपने चचेरे भाई मनजोत सिंह को सौंप दी थी।
इसके बाद वह पंजाब से निकलकर पहले खरड़ के एक होटल में रुका और फिर दिल्ली, हैदराबाद, तथा महाराष्ट्र के नांदेड़ होते हुए विभिन्न स्थानों पर छिपता रहा।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुखविंदर सिंह का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है और उस पर हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश तथा आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं।
उसके खिलाफ पंजाब और गुजरात में कई मामले दर्ज हैं, जिसमें धारीवाल थाना (2018): हत्या के प्रयास, धमकी और साजिश का मामला। सिविल लाइन्स बटाला थाना (2019): फायरिंग और हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराएं। अमीरगढ़ थाना, बनासकांठा (गुजरात) (2019): गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट का मामला। रंगड़ नंगल थाना (2021): हत्या के प्रयास और हथियार संबंधी अपराध। एसएसओसी पंजाब (2023): हत्या के प्रयास, साजिश, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला। टांडा थाना (2025): हथियार अधिनियम से जुड़ा मामला शामिल है।
इसके अलावा, वर्ष 2021 में वह ड्रग्स और आईसीई तस्करी से जुड़े एक मामले में दुबई में करीब नौ महीने जेल में भी रह चुका है।
गुजरात एटीएस ने बताया कि सुखविंदर सिंह की गिरफ्तारी की जानकारी पंजाब पुलिस को दे दी गई है। अब उसे बटाला के सेखवां थाना में दर्ज मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पंजाब पुलिस अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
एटीएस अधिकारियों का कहना है कि अंतरराज्यीय अपराधों और संगठित गैंग नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।



