अहमदाबाद, 28 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात भारत का एक प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र ही नहीं है, बल्कि आज देश के एक्सपोर्ट सेक्टर का ग्रोथ इंजन भी बन गया है। दरअसल, भारत ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में 863 अरब डॉलर का रिकॉर्ड एक्सपोर्ट किया है और इसमें 110 अरब डॉलर की हिस्सेदारी के साथ गुजरात सभी राज्यों में नंबर वन है। इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स, पेट्रोलियम उत्पाद, केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर्स ने गुजरात के एक्सपोर्ट को मजबूती प्रदान की है।
बिजनेस जगत से जुड़े लोगों के मुताबिक, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में सरकार द्वारा लागू की गई औद्योगिक, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर से जुड़ी नीतियों की वजह से निर्यात में गुजरात का योगदान लगातार बढ़ रहा है।
राजकोट इंजीनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र पंचानी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के साथ गुजरात ने भी एक्सपोर्ट में अग्रणी भूमिका निभाई है, क्योंकि राज्य की अलग-अलग नीतियां, जैसे गुजरात की इंडस्ट्रियल पॉलिसी, पहले नंबर पर रही हैं और हाल ही में जो नई पॉलिसी आई है, वह भारत में आने वाली पहली ऐसी पॉलिसी है।
इंड्स्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, गुजरात को एक्सपोर्ट सेक्टर में अव्वल बनाने में कम लॉजिस्टिक कॉस्ट और बेहतरीन ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर की भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के अग्रणी और अत्याधुनिक बंदरगाह गुजरात में है, साथ ही राज्य में कई स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) भी स्थापित हैं, जो एक्सपोर्ट ग्रोथ के एक बड़े हब के तौर पर उभरे हैं।
वहीं, सीआईआई के पूर्व अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा कि गुजरात अब पारंपरिक सेक्टरों से आगे निकलकर सेमीकंडक्टर और फाइनेंशियल एक्सपोर्ट जैसे न्यू एज सेक्टरों की ओर भी मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। राज्य में सेमीकंडक्टर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में व्यापक स्तर पर इन्वेस्टमेंट हो रहा है, साथ ही गुजरात ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग व इंडस्ट्री मैप पर भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा रहा है। इससे आने वाले वर्षों में गुजरात की एक्सपोर्ट कैपेसिटी में और ज्यादा वृद्धि की संभावना है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी), अहमदाबाद के ज्वाइंट डायरेक्टर राहुल सिंह ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मजबूत पोर्ट सिस्टम, डेवलप्ड इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड नीतियों और ग्लोबल मार्केट के साथ सशक्त कनेक्टिविटी की वजह से गुजरात आज जहां देश का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट करने वाला राज्य बन गया है, वहीं ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने में भी अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।

