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गुजरात के गांवों में ज्योतिग्राम योजना बनी वरदान, 24 घंटे बिजली ने बदली ग्रामीणों की जिंदगी

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बनासकांठा, 22 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के ग्रामीण इलाकों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति से जीवन और कामकाज में बदलाव देखने को मिल रहा है। गुजरात सरकार की ज्योतिग्राम योजना के तहत गांवों और ग्रामीण बस्तियों में नियमित बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे बिजली पर निर्भर छोटे कारोबार, डेयरी गतिविधियां और छात्रों की पढ़ाई करने में काफी मदद मिली है।

ज्योतिग्राम योजना के तहत 24 घंटे बिजली की उपलब्धता से ग्रामीण इलाकों में घरेलू जरूरतों के साथ-साथ कारोबार, डेयरी गतिविधियों और शिक्षा को भी सुविधा मिल रही है। इससे ग्रामीण जीवन अधिक सुगम होने के साथ आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।

बनासकांठा के डीसा तालुका की आशाबेन सांखला ने बताया कि पहले उनके यहां 24 घंटे बिजली उपलब्ध नहीं थी। वह मशीन पर काम करती थीं, लेकिन बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण काम रोकना पड़ता था। अब ज्योतिग्राम योजना के तहत 24 घंटे बिजली मिलने से वह मशीन पर बेहतर तरीके से काम कर पा रही हैं।

इसी तरह डीसा तालुका के डेयरी व्यवसायी प्रकाशभाई देसाई ने बताया कि नियमित बिजली आपूर्ति से डेयरी से जुड़ी मशीनों का संचालन आसान हुआ है।

उन्होंने कहा कि उनकी मंडली में दूध ठंडा करने और फैट निकालने की मशीन अब बेहतर तरीके से चलती हैं। पहले बिजली की अनियमितता के कारण उन्हें और पशुपालकों को नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन ज्योतिग्राम योजना से काफी फायदा हुआ है।

ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति का असर छात्रों की पढ़ाई पर भी पड़ा है। नानी गांव, डीसा तालुका के छात्र संजयभाई रावल ने बताया कि पहले गांव में कम बिजली मिलने के कारण पढ़ाई में परेशानी होती थी। अब ज्योतिग्राम योजना के तहत 24 घंटे बिजली मिलने से वह सही ढंग से पढ़ाई कर सकते हैं।

गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली विभाग की ओर से व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं किए जाने की बात कही गई है।

गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड, वडोदरा की एमडी शालिनी अग्रवाल ने बताया कि गांवों में गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए 78,000 किलोमीटर से अधिक नई बिजली लाइनें स्थापित की गई हैं। इसके अलावा करीब 18,700 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं और नए सब-स्टेशनों की स्थापना की गई है।

उन्होंने बताया कि गुजरात के 18,065 गांवों और 16,000 से अधिक ग्रामीण बस्तियों में ज्योतिग्राम योजना के माध्यम से विश्वसनीय बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने का काम पूरा किया गया है।