गुलमर्ग, 25 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में गोंडोला (केबल कार) सेवा में तकनीकी खराबी के कारण सोमवार को बड़ा हादसा टल गया। सेवा अचानक बंद हो जाने से पर्यटक केबिनों में हवा में फंस गए, जिससे कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल रहा।
हालांकि, त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पूरे मामले पर नजर रखते हुए कहा कि वे स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मनोज सिन्हा ने लिखा कि गुलमर्ग में तकनीकी खराबी के कारण केबल कार के डिब्बों में फंसे पर्यटकों को बचाने के अभियान पर मैं नजर रख रहा हूं। मैंने डीजीपी को घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस, सेना, एसडीआरएफ, डीसी और एसएसपी की संयुक्त टीम सभी पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बचाव अभियान चला रही है। वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी लोगों से अपील की कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा कि गुलमर्ग गोंडोला सेवा में तकनीकी खराबी के कारण अस्थायी रूप से रोकी गई केबल कार की स्थिति पर सरकार बारीकी से नजर रख रही है। सभी केबिन सुरक्षित हैं और फंसे पर्यटकों को बाहर निकालने के लिए प्रशिक्षित टीमें मौके पर काम कर रही हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
गोंडोला में खराबी की घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात गुलमर्ग के लिए रवाना हो गए हैं। बचाव अभियान जारी होने के कारण वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। खराबी के कारण फंसे पर्यटकों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जा रहा है।
बताते चलें कि गुलमर्ग रोपवे दुनिया के सबसे ऊंचे और लंबे केबल कार सिस्टम में से एक है। इसमें कुल 108 केबिन हैं और एक केबिन में 6 लोग बैठ सकते हैं। यहां हर साल गर्मियों के दिनों में भारी संख्या में पर्यटक छुट्टी बिताने के लिए पहुंचते हैं। गुलमर्ग गोंडोला सेवा का लाभ उठाते हुए पर्यटक बर्फीली चोटियों के खूबसूरत दृश्यों को देखते हैं।
दूसरी, ओर गुलमर्ग में गोंडोला (केबल कार) सेवा में तकनीकी खराबी की जांच भी एक विषय है क्योंकि, यह सीधे तौर पर पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

